अजमेर । अप्रैल। वैशाली नगर (ईदगाह कॉलोनी) में नई बनी पानी की टंकी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है, जहां सोशल मीडिया पर “टंकी फूटने” की खबर तेजी से वायरल हुई, लेकिन शुरुआती जांच और स्थानीय जानकारी में सामने आया कि टंकी के फूटने की पुष्टि नहीं है, बल्कि पानी ओवरफ्लो होकर बहा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे अफवाह बताते हुए क्रिश्चियन गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर “टंकी फटने” की गलत खबर फैलाई, जिससे क्षेत्र में डर और भ्रम फैल सकता था।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता धर्मेंद्र सिंह राठौर ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दावा किया कि मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार टंकी में दरार थी और फोटो-वीडियो में दरार से पानी बहता दिखाई दे रहा है, उन्होंने इसे घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए कहा कि ओवरफ्लो होता तो पानी ऊपर से बहता दिखाई देता जबकि वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि पानी फव्वारे की तरह सिर्फ एक हिस्से से फव्वारे की तरह निकल रहा है ।
वीडियो देखें: स्थानीय प्रत्यक्ष दर्शी
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राठौर ने बताया कि भाजपा अपनी नाकामी को “ओवरफ्लो” जैसे शब्दों के पीछे छिपे भ्रष्टाचार को छिपा रही है,और आमजन को पुलिस का डर दिखा रही ताकि आगे से कोई आमजन इस प्रकार से भाजपा की नाकामी उजागर न कर सके ।
फिलहाल पूरे मामले में सच्चाई दो दावों के बीच उलझी हुई है—एक पक्ष इसे महज ओवरफ्लो और अफवाह बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष दरार और निर्माण में गड़बड़ी का आरोप लगा रहा है, और अभी तक किसी आधिकारिक तकनीकी जांच रिपोर्ट से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिससे यह मामला अब तकनीकी से ज्यादा राजनीतिक बनता नजर आ रहा है।
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स्थानीय निवासियों का कहना है कि अधिकारी ठेकेदार की मिलीभगत है जबकि पानी बहने की शिकायत पूर्व में भी की गई । अजमेर में पूर्व में भी कई भ्रष्टाचार का उजागर हुआ लेकिन नेता पुलिस और प्रशासन पर दबाव बना कर भ्रष्ट अधिकारियों को बचाते आए हैं जिसे बीजेपी / कांग्रेस के नेता सिर्फ बयान बाजी कर अपनी अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हैं । जनता ने जो देखा वह वीडियो वायरल हुआ अब इस प्रकार जानकारी सोशल मीडिया पर नहीं आती तो शायद जिम्मेदार भी नहीं जागते और पानी बहता रहता ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा पुलिस में शिकायत देना दर्शाता है ,की अजमेर की राजनीति के पीछे क्या चल रहा है ।
जानकारी अनुसार लोगों का कहना है कि वीडियो बनाने वाले ने तो वीडियो बनाया जो पानी बहता हुआ स्पष्ट दिखाई दे रहा था । अब उसे गलत या सही प्रचारित करने वाले अपनी अपनी राजनीति की रोटियां सेक रहे ऐसे में वीडियो बनाने वाला कितना दोषी है या नहीं यह शिकायत के वजन पर निर्भर करेगा । बीजेपी आमजनता को डराना चाहती है इसलिए यह शिकायत दर्ज की गई या वाकई बीजेपी इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाएगी ?
अब यह मामला भी राजनीतिक गरमा गर्मी में कहीं दफन हो जाएगा और पानी की बर्बादी करने वालों को शाबाशी और जागरूक नागरिक पर कार्रवाई होगी या नहीं यह पुलिस की जांच गति पर जनता को इंतजार करना होगा ।
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