पंचायती राज मंत्रालय क्या है? गांव की सरकार से लेकर केंद्र तक कैसे चलती है व्यवस्था

ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के कामकाज को समझिए; जानिए आम नागरिक के अधिकार और सरकार की जिम्मेदारी…

रीवा में न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट का विरोध: ग्राम पंचायत सरई कला की ग्राम सभा ने खारिज किया बोर लागिंग का प्रस्ताव

रीवा के सिरमौर क्षेत्र में प्रस्तावित टाटा पावर न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट को लेकर विरोध तेज हो गया है। सरई कला ग्राम सभा ने विशेष बैठक में प्रस्तावित 8 बोर होल की भू-तकनीकी जांच और बोर लॉगिंग की अनुमति देने से असहमति जताई।

आज फिर वही दिन लौट आया है…वही अक्टूबर, वही शनिवार और वही अष्टमी की तिथि…

“चिराग बुझते नहीं… वे अपनी रोशनी छोड़ जाते हैं, जो अंधेरे में भी राह दिखाती रहती है।” 7 अक्टूबर 2023…

राजस्थान में सूखे की आहट, चारे का संकट गहराया

गहलोत ने सरकार को चेताया—पशुधन के लिए तत्काल चारा-पानी की व्यवस्था हो, व्यापक आकस्मिक कार्ययोजना बनाने की मांग जयपुर। राजस्थान…

अजमेर में कबाड़ के गोदाम में लगी आग, बैटरियों के धमाकों से मची अफरा-तफरी

दमकल और क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची, समय रहते आग पर पाया काबू; पास में गैस सिलेंडर रखे…

रोझौही में 8 बोरहोल की तैयारी से भड़का आक्रोश, ग्रामीणों ने कहा—“विकास चाहिए, विनाश नहीं”

रीवा के सिरमौर क्षेत्र के रोझौही में प्रस्तावित परमाणु परियोजना के लिए 8 बोरहोल की भू-तकनीकी जांच की प्रक्रिया के बीच ग्रामीणों ने खुलकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने कहा—“विकास चाहिए, विनाश नहीं।” संजय सिंह समेत कई ग्रामीणों ने ऐसी परियोजना के बजाय सुरक्षित और गैर-घातक विकास परियोजनाएं लाने की मांग की।

इंदौर में ड्रग्स तस्करी का बड़ा खुलासा: थार की स्टेपनी में छिपा रखा था 5.69 करोड़ का नशा, DRI-CBN ने तीन आरोपियों को दबोचा

इंदौर में DRI और CBN की संयुक्त कार्रवाई में कर्नाटक नंबर की महिंद्रा थार की स्टेपनी के भीतर छिपाकर रखी गई 7.116 किलोग्राम एम्फेटामाइन बरामद की गई। अनुमानित कीमत 5.69 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

रीवा के स्वास्थ्य महकमे में सीईओ सृष्टि देशमुख गौड़ा का सख्त रुख, लापरवाही पर सीधे कार्रवाई के संकेत

रीवा में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ सृष्टि देशमुख गौड़ा ने गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत पंजीयन, नियमित जांच और हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी के निर्देश दिए। मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक मामले की मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत समीक्षा और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।