अपार्टमेंट फ्लैट का भयावह जीवन: भीड़ में अकेला इंसान -युवती की जुबानी

प्रॉपर्टी मार्केट:आलीशान फ्लैटों,अपार्टमेंट कल्चर, भीड़ में अकेली ज़िंदगी-युवती का दर्द आधुनिक जीवन ऊंची-ऊंची इमारतें, चमकती बालकनियां, आधुनिक सुविधाएं और सपनों…

जनता के खुले दरबार से दिल्ली के शक्ति केंद्र तक : राजस्थान के रणबांकुरा IAS प्रकाश राजपुरोहित की गौरवगाथा

राजस्थान की माटी का गौरव : IAS प्रकाश राजपुरोहित की प्रेरणादायक प्रशासनिक यात्रा राजस्थान की धरती ने देश को हमेशा…

🖋️ पत्रकारों के नाम पर सम्मान या राजनीति?

“सच्ची नारद जयंती” पत्रकारिता संकल्प या ..?✍️ देवेन्द्र सक्सैना | खबर वन न्यूज, अजमेर पत्रकारिता… केवल खबर लिखने का माध्यम…

खाड़ी युद्ध की आहट पहुंची भारत ,गैस संकट इशारा है या शुरुआत?

कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी ने दी चेतावनी—यदि खाड़ी देशों का युद्ध लंबा चला तो भारत की रसोई से लेकर…

खबरों से आगे जनहित की पत्रकारिता: नारायण बारेठ का जीवन एक मिसाल

संपादकीय: देवेंद्र सक्सैना राजस्थान और देश की पत्रकारिता ने एक ऐसी आवाज़ खो दी है जिसने लगभग चार दशकों तक…

कलेक्टर : सत्ता का केंद्र या जवाबदेही का अंतिम बिंदु?

संपादकीय – देवेंद्र सक्सैना जिला कलेक्टर भारतीय प्रशासनिक ढांचे का वह चेहरा है, जिसे आमजन “सरकार” के रूप में पहचानता…

सिस्टम पर चढ़ी जंग और जनता का सब्र: अब जवाबदेही तय किए बिना बदलाव संभव नहीं

“ईश्वर के घर देर है, अंधेर नहीं”—हमने यह कहावत केवल सुनी नहीं, बल्कि समय-समय पर व्यवस्था में बैठे उन लोगों…