तिरंगे की जगह BJP का झंडा? वायरल वीडियो ने फैलाया भ्रम ,जांच में सामने आया पूरा सच

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नई दिल्ली | खबर वन न्यूज विशेष पड़ताल

15 अगस्त 2026 को देश जब 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न में तिरंगे के रंग में रंगा था, उसी दौरान सोशल मीडिया पर दो वीडियो तेजी से वायरल हुए। दावा किया गया कि छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं ने तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा फहराया।

वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए। लेकिन सवाल यह था—क्या ये वास्तव में 15 अगस्त 2026 के वीडियो हैं?

खबर वन न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि दोनों वीडियो वास्तविक घटनाओं के हैं, लेकिन उन्हें 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह से जोड़कर प्रसारित करना भ्रामक है।

छत्तीसगढ़ का वीडियो: वीडियो असली, लेकिन 15 अगस्त का नहीं

वायरल वीडियो छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद से संबंधित है। इसमें भाजपा नेता एवं कुरुद विधायक अजय चंद्राकर भाजपा का झंडा फहराते दिखाई दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर इसे 15 अगस्त 2026 का बताकर दावा किया गया कि स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा फहराया गया।

लेकिन उपलब्ध फैक्ट-चेक के अनुसार इस वीडियो की पुरानी कड़ी 22 मार्च 2026 की मिलती है। यह कुरुद में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के मंडल स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का वीडियो बताया गया है। उस कार्यक्रम में भाजपा का पार्टी ध्वज फहराया गया था।

अजय चंद्राकर ने 15 अगस्त को अलग से धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने की जानकारी साझा की थी।

पुराने वीडियो/फैक्ट-चेक को स्वयं देखें:
छत्तीसगढ़ वायरल वीडियो की फैक्ट-चेक रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल: अर्जुन सिंह का वीडियो भी 6 जुलाई का

दूसरा वीडियो पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता अर्जुन सिंह का है। वीडियो में उन्हें भाजपा का झंडा फहराते देखा जा सकता है। इसे भी 15 अगस्त 2026 का बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।

लेकिन अर्जुन सिंह ने स्वयं अपने X अकाउंट पर स्पष्ट किया कि यह वीडियो 6 जुलाई 2026 को बैरकपुर में उनके कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम का है, न कि स्वतंत्रता दिवस समारोह का।

अर्जुन सिंह का मूल स्पष्टीकरण जनता स्वयं देखें:
Arjun Singh का मूल X पोस्ट

विस्तृत फैक्ट-चेक:
Arjun Singh वीडियो की फैक्ट-चेक रिपोर्ट

वीडियो फर्जी नहीं, लेकिन संदर्भ गलत—यही सबसे महत्वपूर्ण बात

इस पूरे मामले में एक बारीक अंतर समझना जरूरी है।

इन वीडियो को “फर्जी वीडियो” कहना भी सही नहीं होगा। उपलब्ध पड़ताल के अनुसार वीडियो में दिखाई गई घटनाएं वास्तविक हैं। समस्या यह है कि पुराने वीडियो को 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का बताकर साझा किया गया।

यानी जनता को गुमराह करने वाला हिस्सा वीडियो नहीं, उसका प्रस्तुत किया गया संदर्भ और तारीख है।

खबर वन न्यूज की अपील—वीडियो देखें, फिर फैसला करें

राष्ट्रध्वज से जुड़ा विषय बेहद संवेदनशील है। ऐसे मामले में किसी भी राजनीतिक दल पर आरोप लगाने से पहले वीडियो की तारीख, स्थान, कार्यक्रम और मूल स्रोत की जांच जरूरी है।

इस पड़ताल के आधार पर छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के इन दोनों वीडियो को 15 अगस्त 2026 को तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा फहराए जाने का प्रमाण मानना उचित नहीं है।

इसका यह अर्थ भी नहीं है कि देश में किसी अन्य स्थान पर ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं। यदि ऐसा कोई दावा सामने आता है तो उसकी अलग से जांच आवश्यक होगी।

स्रोत

स्रोत: OnlyFact.in की फैक्ट-चेक रिपोर्ट, OpIndia की फैक्ट-चेक रिपोर्ट, The Statesman की रिपोर्ट तथा संबंधित व्यक्तियों के मूल सोशल मीडिया पोस्ट। छत्तीसगढ़ मामले में उपलब्ध स्रोत 22 मार्च 2026 के प्रशिक्षण कार्यक्रम की पुष्टि करते हैं, जबकि पश्चिम बंगाल के मामले में अर्जुन सिंह का मूल X पोस्ट वीडियो को 6 जुलाई 2026 के बैरकपुर कार्यालय उद्घाटन कार्यक्रम से जोड़ता है।

खबर वन न्यूज का संदेश:
वायरल वीडियो देखकर भावनात्मक प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी तारीख और मूल स्रोत जरूर जांचें। देश को राजनीति नहीं, पूरा सच जानने का अधिकार है।

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