“स्मार्ट सिटी के सपनों में सेंध: सेवन वंडर गिरा, जिम्मेदार चुप”
अजमेर। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की पोल एक बार फिर खुल गई है। सेवन वंडर हटाने के बाद जनता के मन में कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस ढांचे को कभी नेताओं और जिम्मेदार संस्थाओं ने अजमेर की पहचान, उनकी “तपस्या का फल” और ईश्वर की देन बताया था, आज वही ढांचा मिट्टी में मिल चुका है और सब चुप हैं।
“सपनों से खंडहर तक: सेवन वंडर ने खोल दी स्मार्ट सिटी की पोल”
जनता का सवाल: सिर्फ सेवन वंडर हटाने से क्या हल होगा?
लोगों का कहना है कि यदि जनता की आवाज़ समय रहते सुनी जाती तो बेहतर विकल्प निकल सकते थे। स्मार्ट सिटी के नाम पर हुई बैठकों, कमेटियों और उद्घाटनों के समय जो जिम्मेदार बड़े-बड़े दावे कर रहे थे, आज वे सब खामोश हैं।
असली अतिक्रमण पर कार्रवाई कब?
जनता की नाराज़गी इस बात को लेकर भी है कि क्या कार्रवाई सिर्फ सेवन वंडर तक ही सीमित रहेगी?
नालों पर किए गए अतिक्रमण,
अवैध व्यावसायिक और आवासीय निर्माण,
नालों की चौड़ाई कम करके खड़ी की गई बिल्डिंग्स,
इन सब पर प्रशासन कब सख्ती दिखाएगा?
वैशाली नगर, पेट्रोल पंप ,सागर विहार के पास बने नालों का हाल इसी की मिसाल है। नाले को आधा पाट दिया गया, कहीं उसका मोड़ सांप की तरह तंग कर दिया गया। नतीजा यह कि बरसात में पानी उफनकर सड़कों और कॉलोनियों में भर जाता है। यह समस्या अब हर साल दोहराई जा रही है, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
लोकतंत्र की चुप्पी और जनता का दर्द
जनता का कहना है कि उसने लोकतंत्र को यह जिम्मेदारी दी थी कि उसके शहर की तस्वीर बदले, गली-मोहल्लों की चमक बढ़े, लेकिन नतीजा सिर्फ टूटी सड़कों, जाम नालों और लाइटों की समस्याओं तक सीमित है। अब जनता सोच रही है —
👉 सेवन वंडर के बाद अगला नंबर किसका है?
👉 क्या प्रशासन खुद विवेक से कार्रवाई करेगा या फिर हर बार कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगा?
सपनों का शहर या खंडहर?
स्मार्ट सिटी के नाम पर अजमेर को विश्व स्तर पर प्रस्तुत किया गया था और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों से जोड़ा गया था। लेकिन आज हकीकत यह है कि उन सपनों को अजमेर में ही खाक कर दिया गया।
सेवन वंडर का गिरना सिर्फ एक ढांचा ढहना नहीं है, यह पूरे सिस्टम की असफलता का प्रतीक है। अब वक्त है कि जनता सिर्फ तमाशबीन न बने, बल्कि जिम्मेदारों से जवाब मांगे — ताकि आने वाली पीढ़ियों को अजमेर एक खंडहर नहीं, बल्कि सचमुच स्मार्ट सिटी के रूप में मिले।
“सेवन वंडर हटाने के बाद अजमेर पूछ रहा है: अगला नंबर किसका?”


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