राजस्थान की माटी का गौरव : IAS प्रकाश राजपुरोहित की प्रेरणादायक प्रशासनिक यात्रा
राजस्थान की धरती ने देश को हमेशा ऐसे प्रशासनिक अधिकारी दिए हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा, ईमानदारी और जनसेवा से अलग पहचान बनाई। इन्हीं में एक नाम है प्रकाश राजपुरोहित, जिन्हें केंद्र सरकार ने अब रक्षा उत्पादन मंत्रालय में संयुक्त सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
राजस्थान कैडर के 2010 बैच के IAS अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राजस्थान की प्रशासनिक क्षमता और ईमानदार कार्यशैली का राष्ट्रीय सम्मान भी है।
प्रकाश राजपुरोहित का जन्म 28 फरवरी 1986 को राजस्थान में हुआ। वे मूल रूप से बाड़मेर जिले से जुड़े माने जाते हैं। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान Indian Institute of Technology Delhi (IIT Delhi) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था।
उन्होंने वर्ष 2009 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में दूसरी रैंक प्राप्त कर राजस्थान का नाम रोशन किया। बेहद कम उम्र में मिली इस सफलता ने उन्हें देश के प्रतिभाशाली युवा अधिकारियों की श्रेणी में ला खड़ा किया।
प्रशासन में संवेदनशीलता की मिसाल
प्रकाश राजपुरोहित जहां भी रहे, वहां उन्होंने केवल प्रशासन नहीं चलाया, बल्कि जनता से संवाद स्थापित किया। अजमेर जिला कलेक्टर के रूप में उनका कार्यकाल आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय है।
वे राजस्थान के पहले ऐसे कलेक्टरों में माने जाते हैं जिन्होंने अपने कार्यालय का दरवाजा हमेशा जनता के लिए खुला रखा। आम व्यक्ति बिना किसी औपचारिकता के सीधे उनके कक्ष में जाकर अपनी समस्या रख सकता था। यही कारण था कि लोग उन्हें एक संवेदनशील और सहज अधिकारी के रूप में देखते थे।
वैशाली नगर कॉलोनियों पर ऐतिहासिक निर्णय
अजमेर की वैशाली नगर आवासन मंडल कॉलोनियों के हस्तांतरण को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा था। आवासन मंडल और नगर निगम के बीच यह संघर्ष 80 के दशक से आज तक जारी है।
उस दौरान कई बैठकों में प्रकाश राजपुरोहित ने सभी विभागों के नियम, कानूनी प्रावधान और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का गहन अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने जनहित में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया कि जिन कॉलोनियों का हस्तांतरण नगर निगम को नहीं हुआ है, वहां होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने की जिम्मेदारी आवासन मंडल की होगी।
यह निर्णय प्रशासनिक स्पष्टता और जनहित का उत्कृष्ट उदाहरण माना गया। हालांकि उनके स्थानांतरण के बाद यह आदेश फाइलों में दब गया, लेकिन आज भी लोग उनकी दूरदर्शिता और निष्पक्ष प्रशासनिक सोच को याद करते हैं।
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कई महत्वपूर्ण पदों पर दी सेवाएं
प्रकाश राजपुरोहित ने अपने प्रशासनिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे जयपुर जिला कलेक्टर, वाणिज्य कर विभाग के मुख्य आयुक्त सहित कई अहम पदों पर रह चुके हैं। केंद्र सरकार में भी उन्होंने आर्थिक मामलों के विभाग में जिम्मेदारी निभाई है।
उनकी प्रशासनिक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें चुनाव प्रबंधन और शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान भी प्राप्त हुए।
युवाओं के लिए प्रेरणा
आज के दौर में जब प्रशासनिक सेवा को लेकर युवाओं में आकर्षण बढ़ रहा है, तब प्रकाश राजपुरोहित जैसे अधिकारी यह संदेश देते हैं कि सफलता केवल पद से नहीं, बल्कि कार्यशैली और जनसेवा से मिलती है।
ज्ञान, सूझबूझ, विनम्रता और ईमानदार निर्णय क्षमता के कारण ही उन्हें केंद्र सरकार में इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। वे उन युवा अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने यह साबित किया कि संवेदनशील प्रशासन ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
राजस्थान की माटी ऐसे ही रणबांकुरे अधिकारियों को जन्म देती है, जो देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती देने के साथ इतिहास भी रचते हैं।
खबर वन न्यूज तथा अजमेर की जनता की ओर से IAS प्रकाश राजपुरोहित को हार्दिक शुभकामनाएं।
**जय हिंद।**
देवेन्द्र सक्सैना- अजमेर|
