हावड़ा में हिंसा से मचा हड़कंप, दो भाजपा कार्यकर्ता घायल
नईदिल्ली|(मिडिया) पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव ने हिंसक रूप ले लिया इसमें भाजपा कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर बमों से हमला कर दिया गया। घटना में दो भाजपा कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाके में हमले के बाद दहशत और भारी तनाव का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक हुए विस्फोटों और पत्थरबाजी से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। स्थानीय लोगों ने बताया कि हमले के बाद कई कार्यकर्ता खून से लथपथ हालत में सड़क पर गिर पड़े। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए।
भाजपा का आरोप – “TMC समर्थित गुंडों ने किया हमला”
भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है और विपक्षी दलों को डराने के लिए बमबाजी व हमले किए जा रहे हैं।
भाजपा का कहना है कि एक तरफ कोलकाता में विधायक दल की बैठक और सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया है।
TMC की सफाई – “राजनीतिक लाभ के लिए लगाया जा रहा आरोप”
दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के आरोपों को राजनीतिक ड्रामा बताते हुए खारिज किया है। TMC का कहना है कि भाजपा राज्य में माहौल खराब करने और सहानुभूति लेने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है। हालांकि घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में जुटी, इलाके में भारी फोर्स तैनात
पश्चिम बंगाल पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से विस्फोटक सामग्री के अवशेष बरामद किए गए हैं। CCTV फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर हमलावरों की पहचान की कोशिश की जा रही है। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हिंसा के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
बंगाल में फिर उठे कानून-व्यवस्था पर सवाल
पश्चिम बंगाल में चुनावी और राजनीतिक माहौल के दौरान हिंसा की घटनाएं पहले भी कई बार सामने आती रही हैं। हावड़ा की यह ताजा घटना एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को विपक्ष लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है।
