निकाय चुनाव 2026: चुनाव आचार संहिता का प्रभावी पालन हो,24 से 72 घंटे में करनी होगी रिपोर्ट – निर्वाचन आयोग

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जयपुर। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान ने नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को लेकर आदर्श आचार संहिता के प्रभावी पालन के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टर), नगर निकायों को निर्देशित किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित गतिविधियों की निगरानी कर निर्धारित समय में रिपोर्ट आयोग को भेजी जाए।

आयोग के आदेश के अनुसार नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी और निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। आचार संहिता के पालन के लिए विभिन्न बिंदुओं पर सूचना निर्धारित प्रपत्रों में मांगी गई है।

सरकारी संपत्तियों से प्रचार सामग्री हटाने पर नजर

आयोग ने सरकारी संपत्तियों के विरूपण को लेकर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों से सरकारी संपत्ति को विरूपित करने, दीवारों पर प्रचार सामग्री लिखने या चिपकाने, होर्डिंग्स, बैनर और झंडे हटाए जाने की स्थिति की जानकारी मांगी गई है। इस संबंध में 24 घंटे की समयावधि निर्धारित की गई है।

सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर भी निगरानी

चुनाव के दौरान सरकारी वाहनों के राजनीतिक उपयोग को रोकने के लिए भी निगरानी की जाएगी। आयोग के प्रपत्र में सरकारी वाहनों के दुरुपयोग तथा राजनीतिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रतिबंध लगाए जाने की स्थिति की जानकारी मांगी गई है। इसकी रिपोर्ट भी 24 घंटे के भीतर देने का प्रावधान है।

सार्वजनिक संपत्ति और स्थानों के दुरुपयोग पर 48 घंटे में रिपोर्ट

आयोग ने सार्वजनिक संपत्ति को विरूपित करने और सार्वजनिक स्थानों का दुरुपयोग करने के मामलों पर भी नजर रखने को कहा है। आचार संहिता के तहत हटाए गए होर्डिंग्स, दीवार लेखन, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स और अन्य प्रचार सामग्री का विवरण निर्धारित प्रपत्र में मांगा गया है। इसके लिए 48 घंटे की समयसीमा रखी गई है।

निजी संपत्ति पर भी प्रचार सामग्री की निगरानी

निजी संपत्ति पर लगाए गए होर्डिंग्स, दीवार लेखन, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स आदि को हटाए जाने की कार्रवाई की भी रिपोर्ट आयोग को देनी होगी। इस श्रेणी की सूचना के लिए 72 घंटे की समयसीमा निर्धारित की गई है।

विकास और निर्माण कार्य भी आयोग की निगरानी में

आचार संहिता लागू होने के बाद विकास एवं निर्माण से संबंधित गतिविधियों की भी निगरानी होगी। आयोग ने विभाग/एजेंसी का नाम, आचार संहिता लागू होने से पहले स्वीकृत कार्यों की संख्या/सूची तथा आचार संहिता लागू होने के बाद स्वीकृत लेकिन अभी तक शुरू नहीं किए गए नए कार्यों की संख्या/सूची मांगी है। इस संबंध में भी 72 घंटे में सूचना प्रस्तुत करनी होगी ।

संदेश साफ है – राज्य निर्वाचन आयोग के इन निर्देशों से स्पष्ट है कि नगरीय निकाय चुनाव के दौरान सरकारी संसाधनों, सार्वजनिक स्थलों और प्रचार सामग्री के इस्तेमाल पर प्रशासन की निगरानी बढ़ेगी। आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के साथ-साथ संबंधित सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी।

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