जयपुर। राजधानी जयपुर के मालवीय नगर स्थित नंदपुरी क्षेत्र सोमवार को प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था की सबसे बड़ी परीक्षा का गवाह बनने जा रहा है। वर्षों से प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) सुबह 7 बजे से अतिक्रमण हटाने की विशेष कार्रवाई शुरू करेगा। इस कार्रवाई के दायरे में एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार सहित पांच धार्मिक स्थल आ रहे हैं।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों, राजस्थान आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (आरएसी) की 12 कंपनियों और अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस फ्लैग मार्च भी कर चुकी है।
डेढ़ किलोमीटर सड़क बनी विकास और विवाद का केंद्र
नंदपुरी अंडरपास से रेलवे लाइन के समानांतर बनी करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क वर्तमान में 25 से 30 फीट चौड़ी है, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में इसकी चौड़ाई 80 फीट दर्ज है। जेडीए का दावा है कि सड़क चौड़ी होने के बाद नंदपुरी से जगतपुरा तक सीधा मार्ग उपलब्ध होगा और करीब 50 कॉलोनियों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
प्रशासन का कहना है कि धार्मिक स्थलों सहित कई निर्माण सड़क की निर्धारित सीमा में आ रहे हैं, जिसके कारण परियोजना वर्षों से अटकी हुई थी।
पहले हटे 134 अतिक्रमण, अब धार्मिक स्थलों की बारी
जेडीए अधिकारियों के अनुसार 22 मई को इसी अभियान के तहत 134 अतिक्रमण हटाए गए थे। उस समय धार्मिक स्थलों से जुड़े पक्षों को स्वयं निर्माण हटाने के लिए समय दिया गया था। कई दौर की बातचीत और समझाइश के बावजूद समाधान नहीं निकलने पर अब प्रशासन ने सीधे कार्रवाई का निर्णय लिया है।
रविवार को प्रशासन ने मस्जिद की छत पर लगे लोहे के पाइप भी हटवाए, जिसे सोमवार की कार्रवाई की तैयारी माना जा रहा है।
इंटरनेट बंद, धारा 163 लागू संभावित अफवाहों और सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए जयपुर उत्तर और जयपुर पूर्व के अधिकांश थाना क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं पर 24 घंटे के लिए रोक लगाई गई है।
इसके साथ ही धारा 163 लागू कर पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने, रैली, जुलूस और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
सोशल मीडिया पर रहेगी पुलिस की पैनी नजर
जयपुर पुलिस की साइबर और लॉ एंड ऑर्डर इकाइयों को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि धार्मिक उन्माद फैलाने, अफवाहें फैलाने या भ्रामक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीति भी गरमाई
मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कांग्रेस विधायक रफ़ीक खान ने कहा है कि धार्मिक स्थलों से जुड़ी कार्रवाई जनभावनाओं और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए। उनके अनुसार संवाद और सहमति के रास्ते को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए था।
आज प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती
नंदपुरी सड़क चौड़ीकरण परियोजना केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह विकास और आस्था के बीच संतुलन बनाने की प्रशासनिक चुनौती भी बन गई है। एक ओर प्रशासन इसे जयपुर की ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर टिकी है कि कार्रवाई के दौरान शांति और सामाजिक सौहार्द किस प्रकार बनाए रखा जाता है।
