18 नवंबर 2025, नई दिल्ली(PIB)
टेलीमैटिक्स विकास केंद्र (सी-डॉट) ने आंध्र प्रदेश सरकार के साथ अमरावती क्वांटम वैली (AQV) पहल में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह पहल आंध्र प्रदेश को वैश्विक क्वांटम अनुसंधान और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सी-डॉट, जो दूरसंचार विभाग के अधीन अग्रणी स्वदेशी दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास संस्थान है, अब अमरावती में क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सिक्योरिटी सॉल्यूशंस और प्राइवेसी-एनहांसिंग टेक्नोलॉजीज के क्षेत्र में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित करेगा। यह केंद्र क्वांटम संचार तकनीकों के विकास, परीक्षण और नवाचार को बढ़ावा देगा।
अमरावती क्वांटम वैली परियोजना का उद्देश्य अत्याधुनिक हार्डवेयर निर्माण, सॉफ्टवेयर विकास, प्रतिभा संवर्धन और अनुसंधान उत्कृष्टता को एक ही क्वांटम पारिस्थितिकी तंत्र में समाहित करना है। इस पहल में राज्य सरकार की ओर से अवसंरचना निर्माण, नीति समर्थन और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।
सी-डॉट की क्वांटम विशेषज्ञता भारत में क्वांटम टेक्नोलॉजी बनाने वाली उभरती कंपनियों को संसाधन व कौशल विकास में मदद करेगी। यह सहयोग राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के सुरक्षा समाधान संबंधी लक्ष्यों को भी मजबूती देगा और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल निजी डेटा संरक्षण (DPDP) ढांचे के अनुरूप नई प्राइवेसी टेक्नोलॉजी विकसित करने में भी सहायक होगा।
सी-डॉट क्वांटम संचार प्रणालियों के लिए किफायती उप-घटक विकसित करने और क्वांटम सुरक्षा के लिए एकीकृत परीक्षण-स्थल तैयार करने पर भी कार्य करेगा। इससे देशभर में क्वांटम-सेफ डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान विशाखापट्टनम में आयोजित 30वें सीआईआई पार्टनरशिप समिट के दौरान आंध्र प्रदेश के आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार और मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश की उपस्थिति में किया गया। यह साझेदारी भारत को क्वांटम तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में और अधिक सशक्त बनाएगी ।
