अजमेर जिला बार एसोसिएशन की बड़ी पहल: अधिवक्ताओं, लॉ छात्रों को न्यायालय परिसर में व्यवस्था बनाने के दिए सख्त निर्देश

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अजमेर, 20 जुलाई। जिला एवं सत्र न्यायालय, अजमेर स्थित जिला बार एसोसिएशन ने न्यायालय परिसर में अनुशासन, अधिवक्ताओं की गरिमा और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 18 जुलाई 2026 को सात बिंदुओं वाली महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। यह आदेश बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. योगेन्द्र ओझा, सचिव रूपेन्द्र कुमार परिहार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप यादव तथा उपाध्यक्ष जगत सिंह चौधरी सहित पदाधिकारियों के हस्ताक्षरों के साथ जारी किया गया है।
जारी निर्देशों के अनुसार जिन अधिवक्ताओं ने अभी तक आरआईबी (RIB) परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है अथवा जो केवल लॉ के छात्र हैं, वे न्यायालय में किसी भी प्रकार की पैरवी या विधिक कार्यवाही में उपस्थित नहीं होंगे।
जिन अधिवक्ताओं ने आरआईबी परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है, उन्हें अपनी रिजल्ट/मार्कशीट की प्रति तीन दिनों के भीतर जिला बार एसोसिएशन कार्यालय में जमा करवानी होगी।
लॉ कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय द्वारा जारी वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने और न्यायालय की गरिमा के अनुरूप आचरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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बार एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिवक्ताओं के अलावा न्यायालय परिसर में कार्यरत टाइपिस्ट, स्टाम्प विक्रेता, फोटो कॉपी संचालक, कैंटीन संचालक, लॉ बुक विक्रेता अथवा अन्य बाहरी व्यक्ति अधिवक्ताओं जैसी सफेद शर्ट और काली पैंट की वेशभूषा धारण कर परिसर में नहीं आएंगे।
टेबल-कुर्सी आवंटन को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जिन 175 अधिवक्ताओं को लॉटरी के माध्यम से स्थान आवंटित किया गया है, उन्हें निर्धारित मापदंड के अनुसार ही टेबल-कुर्सी लगानी होगी। निर्धारित समय सीमा में ऐसा नहीं करने पर उनका स्थान अन्य अधिवक्ताओं को आवंटित किया जा सकेगा।
नई सूचना में दो और महत्वपूर्ण निर्देश जोड़े गए
बार एसोसिएशन ने निर्देश दिया है कि 175 आवंटित अधिवक्ताओं के अतिरिक्त जिन अधिवक्ताओं ने नए न्यायालय परिसर के ग्राउंड फ्लोर, प्रथम एवं द्वितीय तल पर बिना अनुमति टेबल-कुर्सियां लगा रखी हैं, वे उन्हें तत्काल हटा लें, अन्यथा बार एसोसिएशन द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा जिन अधिवक्ताओं को चैंबर आवंटित हो चुके हैं और उन्होंने फिर भी टेबल-कुर्सियां लगा रखी हैं, उन्हें भी अपनी टेबल-कुर्सियां हटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नए अधिवक्ता भवन में जिन अधिवक्ताओं को अभी तक स्थान उपलब्ध नहीं हुआ है, उन्हें नियमानुसार बैठने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उद्देश्य न्यायालय परिसर में अनुशासन, पारदर्शिता, सुव्यवस्था तथा अधिवक्ताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।

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