जयपुर। राजस्थान सरकार ने अब न्याय भी जनता को समय सीमा में अलार्म घड़ी के हिसाब से मिलने लगा है। फर्क बस इतना है कि यहां snooze का ऑप्शन नहीं— यमराज की तरह मिस कॉल आया और आपकी शिकायत “स्वर्ग सिधार” गई!
ज़रा सोचिए… सुबह के 6 बजे। आम आदमी गहरी नींद में, सपनों में ….. हो और उसी समय तभी अचानक फोन की घंटी बजती है।
मीठी आवाज में — सर आपकी शिकायत पर विभाग ने जवाब दे दिया है, बताइए आप संतुष्ट हैं या नहीं ?
अब शिकायत करने वाला नागरिक नींद में फोन नहीं उठा पाया…तो सिस्टम ने मान लिया—“जनता संतुष्ट है !
वाह सरकार! क्या तगड़ा गणित है—ना जवाब, ना सवाल, बस सीधा !
यह भी पढ़ें:- खबरें चीखती रहीं..……?

8 घंटे की नौकरी या 14 घंटे की गुलामी?
पहले नौकरी 8 घंटे की होती थी, अब ठेकेदारी प्रथा ने इसे “फुल एचडी” में बदल दिया है—14 घंटे का वर्जन!
और अब तो लगता है नागरिकों को भी 24×7 ऑन ड्यूटी रहना पड़ेगा—कभी भी कॉल आ सकता है, वरना आपकी आवाज़ फाइलों में ही दम तोड़ देगी।
शिकायत पर RTI? नया ज्ञान चक्र
सबसे मजेदार बात—जब शिकायतकर्ता ने पूछा कि “क्या कार्रवाई हुई?”, तो जवाब मिला—“RTI लगा दीजिए।”
मतलब अब शिकायत करने के बाद भी आपको खुद ही जानकारी खोजनी पड़ेगी।
तो फिर ये पोर्टल किसलिए? सिर्फ स्क्रीन पर “Resolved” लिखने के लिए?
फोटो में सिस्टम शानदार, जमीन पर बेकार
ऊपर से बड़े-बड़े कार्यक्रम, फोटो सेशन, तारीफों की बरसात…
और नीचे सिस्टम ऐसा कि शिकायत का समाधान कॉल उठाने पर निर्भर!
जनता का पैसा—प्रचार में 100%, जवाबदेही—0%
यह भी पढ़ें:
नया नियम: “सोए तो खोए”
अब राजस्थान का नया अनौपचारिक नियम—
👉 सुबह 6 बजे जागो, वरना न्याय rti से !
👉 फोन उठाओ, तभी शिकायत बचाओ !
अंतिम
लगता है अगला अपडेट ये आएगा—
“शिकायत दर्ज करते समय अलार्म सेट करना अनिवार्य है, नहीं तो सिस्टम खुद ही मान लेगा कि आप खुश हैं और हमारा सिस्टम एक दम सही !”
जनता सोच रही है—ये पोर्टल समस्या का समाधान है या समस्याओं की जानकारी का केंद्र और सिस्टम से पीछे से उगाही ?
अब देखना होगा इस खबर के बाद भी सरकार जनता की नींद खराब करवाती रहेगी या चैन की नींद सोने देगी, जिसके लिए जनता ने उन्हें चुना ?

One thought on “राजस्थान संपर्क पोर्टल : सुबह 6 बजे “उठाओ फोन… नहीं तो शिकायत खत्म…? ””