भदाना (कोटा)। कृष्णा बाल विद्यालय, भदाना (नया गांव) में विद्यार्थियों को आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस), गुड टच-बैड टच तथा बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं ने बच्चों को आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा करने, कानूनी अधिकारों को समझने तथा किसी भी आपात स्थिति में उचित कदम उठाने की जानकारी दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व चाइल्डलाइन निदेशक यज्ञदत्त हाड़ा ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को सेल्फ डिफेंस और आत्मसुरक्षा के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बाल श्रम और बाल तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी बच्चे से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है और इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए।
एडवोकेट विकास सक्सेना ने बच्चों को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों—100, 110, 112, 1098 तथा 1090—की उपयोगिता बताते हुए कहा कि किसी भी संकट की स्थिति में बिना घबराए इन सेवाओं का उपयोग करें।
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एडवोकेट प्रशांत शर्मा ने साइबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जैसी फर्जी वीडियो कॉल से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि ऐसी किसी भी कॉल से डरने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की ठगी का प्रयास करे तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
एडवोकेट तौसीफ खान ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना या किसी भी रूप में शामिल होना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट अमरलाल ने बच्चों को गुड टच-बैड टच का डेमो देकर जागरूक किया। उन्होंने समझाया कि यदि कोई अनजान व्यक्ति बहलाने-फुसलाने का प्रयास करे, परेशान करे या ब्लैकमेल करे तो इसकी जानकारी तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा पुलिस को दें और आवश्यक होने पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराएं।
कार्यशाला के अंत में विद्यालय/संस्था के निदेशक ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के सुरक्षित, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
