जयपुर। राजस्थान सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) 2026 लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में संभागीय स्तर पर जनसुनवाई आयोजित की जा रही है और आम नागरिकों से ऑनलाइन सुझाव भी आमंत्रित किए जा रहे हैं। हाल ही में कलेक्ट्रेट स्थित डीओआईटी वीसी कक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय जनसुनवाई में भी विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।
सरकार का कहना है कि कानून लागू करने से पहले समाज के हर वर्ग की राय जानना आवश्यक है। इसलिए केवल विशेषज्ञों और संस्थाओं से ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों से भी सीधे सुझाव लिए जा रहे हैं। यदि आप भी इस विषय पर अपनी राय रखना चाहते हैं, तो सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
आखिर सरकार किन विषयों पर आपकी राय मांग रही है?
ऑनलाइन सुझाव और जनसुनवाई के माध्यम से नागरिकों से मुख्य रूप से इन विषयों पर विचार मांगे जा रहे हैं—
- सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य होना चाहिए या नहीं।
- विवाह की न्यूनतम आयु और उससे जुड़े नियम।
- सभी नागरिकों के लिए तलाक की समान प्रक्रिया।
- पति, पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण के समान प्रावधान।
- उत्तराधिकार और संपत्ति में महिलाओं एवं पुरुषों के समान अधिकार।
- सभी धर्मों के लिए गोद लेने के एक समान नियम।
- बहुविवाह पर आपकी राय।
- लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कानूनी प्रावधान।
- महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को और अधिक प्रभावी बनाने के सुझाव।
- विभिन्न समुदायों की परंपराओं और सांस्कृतिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए कानून बनाने संबंधी सुझाव।
- इसके अलावा नागरिक अपने स्वतंत्र सुझाव भी दे सकते हैं।
ध्यान दें: सरकार समय-समय पर सुझाव प्रपत्र में संशोधन या नए प्रश्न जोड़ सकती है। अंतिम और आधिकारिक प्रश्नावली पोर्टल पर उपलब्ध प्रपत्र के अनुसार ही मानी जाएगी।
सरकार UCC क्यों लागू करना चाहती है?
राज्य सरकार का मानना है कि वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे नागरिक मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य इन विषयों में समानता, कानूनी स्पष्टता और पारदर्शिता लाना है।
सरकार के अनुसार इससे—
- महिलाओं को समान अधिकार और बेहतर कानूनी सुरक्षा मिलेगी।
- बच्चों के हितों की अधिक प्रभावी सुरक्षा होगी।
- संपत्ति और पारिवारिक विवादों में एकरूपता आएगी।
- न्यायिक प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और सरल हो सकेगी।
- नागरिक अधिकारों में समानता को बढ़ावा मिलेगा।
कब तक दे सकते हैं सुझाव?
राजस्थान सरकार ने आम नागरिकों से 25 जुलाई 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में भाग लें, ताकि कानून समाज की वास्तविक आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।
ऑनलाइन सुझाव कैसे दें?
कोई भी नागरिक घर बैठे अपनी राय दर्ज कर सकता है। इसके लिए—
- राजस्थान UCC समिति के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ।
- “अपना सुझाव दर्ज करें” विकल्प चुनें।
- अपना नाम, मोबाइल नंबर और आवश्यक जानकारी भरें।
- UCC से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव या विचार लिखें।
- फॉर्म सबमिट कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
जनता की भागीदारी से बनेगा कानून
सरकार का कहना है कि समान नागरिक संहिता केवल कानूनी सुधार का विषय नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसलिए जनसुनवाई, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, धार्मिक प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन करने के बाद ही समिति अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
क्यों जरूरी है आपकी राय?
यदि UCC लागू होता है तो इसका प्रभाव विवाह, तलाक, संपत्ति, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक अधिकारों जैसे विषयों पर पड़ सकता है। ऐसे में यह केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर नागरिक का विषय है। इसलिए यदि आपके पास कोई सुझाव, चिंता या विचार है तो समय रहते उसे सरकार तक पहुँचाना लोकतांत्रिक भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है।
