राजस्थान में UCC पर जनता की राय होगी निर्णायक, 25 जुलाई तक दे सकेंगे सुझाव

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2 से 14 जुलाई तक हुई जनसुनवाई, अब ऑनलाइन पोर्टल पर आमजन से मांगी जा रही राय; विधानसभा के अगले सत्र में विधेयक आने की संभावना

जयपुर। राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कानून निर्माण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जनभागीदारी आधारित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने 2 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक प्रदेश के विभिन्न संभागों में जनसुनवाई आयोजित कर नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त किए। अब सरकार ने प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए 25 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन सुझाव देने का अवसर उपलब्ध कराया है।

समिति ने स्पष्ट किया है कि समर्थन, विरोध अथवा संशोधन—हर प्रकार के सुझाव पर समान गंभीरता से विचार किया जाएगा। प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर समिति अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगामी विधानसभा सत्र में UCC विधेयक प्रस्तुत किए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

किन विषयों पर मांगी जा रही है राय?

सरकार ने विवाह, तलाक, भरण-पोषण, गोद लेने, उत्तराधिकार, संपत्ति के अधिकार, महिलाओं के अधिकार, बच्चों के संरक्षण तथा लिव-इन रिलेशनशिप सहित 19 महत्वपूर्ण विषयों पर नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। उद्देश्य ऐसा कानून तैयार करना है जो संविधान की भावना के अनुरूप सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए सामाजिक संतुलन भी बनाए रखे।

कैसे दें अपना सुझाव?

राजस्थान सरकार ने सुझाव दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल रखी है। इच्छुक नागरिक 25 जुलाई 2026 तक अपना सुझाव निम्न प्रक्रिया से भेज सकते हैं—

  • आधिकारिक UCC पोर्टल https://ucc.rajasthan.gov.in पर जाएं।
  • “अपना सुझाव दर्ज करें (Submit Your Suggestion)” विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना नाम, मोबाइल नंबर, जिला एवं आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
  • समिति द्वारा पूछे गए 19 प्रश्नों के उत्तर दें तथा अपने सुझाव स्पष्ट भाषा में लिखें।
  • जानकारी की पुष्टि करने के बाद Submit बटन दबाएं।

यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो पोर्टल पर उपलब्ध संपर्क माध्यमों के जरिए समिति से सहायता भी प्राप्त की जा सकती है।

जनता की भागीदारी क्यों है महत्वपूर्ण?

समान नागरिक संहिता केवल एक कानूनी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार के विवाह, उत्तराधिकार, संपत्ति और पारिवारिक अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए सरकार ने पहली बार व्यापक स्तर पर आमजन को कानून निर्माण की प्रक्रिया में भागीदार बनाया है। लोकतंत्र में जनता की राय ही किसी भी नीति और कानून को अधिक व्यवहारिक, संतुलित और स्वीकार्य बनाती है।

खबर वन न्यूज़ की अपील

समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी राय देने से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य पढ़ें। किसी भी अफवाह, सोशल मीडिया संदेश या भ्रामक प्रचार से प्रभावित हुए बिना तथ्यों के आधार पर अपना सुझाव दर्ज करें। 25 जुलाई 2026 तक उपलब्ध यह अवसर प्रत्येक जागरूक नागरिक के लिए लोकतांत्रिक भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है। आपकी एक जिम्मेदार राय भविष्य के कानून निर्माण को नई दिशा दे सकती है।

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