Fake Covid Variant Cicada Fact Check
नई दिल्ली /अजमेर। सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों “Cicada (BA.3.2)” नाम से नए कोरोना वैरिएंट को लेकर तेजी से दावे किए जा रहे हैं, जिनमें इसे खतरनाक बताते हुए शरीर के कई अंगों पर गंभीर असर की बात कही जा रही है। हालांकि, आधिकारिक स्वास्थ्य एजेंसियों ने इन दावों को भ्रामक और अपुष्ट बताया है।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार “Cicada” नाम का कोई नया खतरनाक या तेजी से फैलने वाला वैरिएंट फिलहाल सूचीबद्ध नहीं है। इसी तरह अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी ने भी इस नाम के किसी वैरिएंट को लेकर कोई आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्तमान समय में जो COVID-19 के मामले सामने आ रहे हैं, वे मुख्य रूप से Omicron के सब-वैरिएंट जैसे JN.1 और KP सीरीज से जुड़े हैं, जिनके लक्षण सामान्य सर्दी-खांसी जैसे ही हैं और अधिकांश मामलों में गंभीरता कम देखी गई है।
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भारत में भी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना के मामले सीमित और छिटपुट हैं, जबकि जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए नए वैरिएंट्स पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी नए या खतरनाक वैरिएंट के व्यापक प्रसार की पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट जानकारी या भ्रामक पोस्ट्स से बचें और केवल सरकारी व विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें। साथ ही, सर्दी-खांसी या बुखार जैसे लक्षण होने पर जांच कराने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

One thought on “Cicada” कोरोना वैरिएंट का दावा भ्रामक, सरकार और विशेषज्ञों ने दी स्पष्ट जानकारी”