नई दिल्ली/जबलपुर बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज बोट हादसे ने एक खुशहाल परिवार को उजाड़ दिया। इस हादसे में जान गंवाने वाली दिल्ली निवासी मरीना मैसी (40) और उनके 4 वर्षीय बेटे त्रिशान के पार्थिव शरीर को शनिवार को दिल्ली स्थित उनके घर लाया गया, जहां परिजनों और पड़ोसियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब परिवार छुट्टियां मनाने के लिए जबलपुर गया हुआ था और में क्रूज बोट की सवारी कर रहा था। अचानक संतुलन बिगड़ने से बोट पलट गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कई लोग पानी में गिर गए, जिनमें मरीना और उनका बेटा भी शामिल थे। रेस्क्यू टीम ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया, लेकिन मां-बेटे को बचाया नहीं जा सका।
स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों ने घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों के शव बरामद किए। घटना के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और बोट संचालन में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
शनिवार को दोनों के पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। परिजनों ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन पर सवाल:
इस घटना ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या बोट में क्षमता से अधिक लोग सवार थे? क्या लाइफ जैकेट जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी?
जांच जारी:
प्रशासन का कहना है कि हादसे के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
