पटना/नई दिल्ली।
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने एक अहम कदम उठाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि अब किसी भी मतदान केंद्र पर 1200 से ज्यादा मतदाता नहीं होंगे। इसका फायदा यह होगा कि मतदाताओं को लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा और मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने बिहार की चुनावी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सभी बड़े राजनीतिक दलों – कांग्रेस, भाजपा, राजद, जद (यू), आप, बसपा, सीपीआई सहित अन्य दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव भी सुने।
राजनीतिक दलों ने आयोग द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। इनमें खासतौर पर –हर बूथ पर 1200 से ज्यादा मतदाता न होना ,डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) की गिनती अंतिम दौर से पहले पूरी करना,मतदान खत्म होते ही फॉर्म-17C (मतदान का आधिकारिक रिकॉर्ड) एजेंटों को देना शामिल है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में राजनीतिक दल की बड़ी साझेदार हैं। उन्होंने सभी दलों से अपील करते हुए कहा कि सभी दल अपने मतदान एजेंट और गिनती एजेंट जरूर नियुक्त करें ताकि चुनावी प्रक्रिया और पारदर्शी बने। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव को सब मिलकर लोकतंत्र का “त्योहार” बनाएं।
चुनाव आयोग ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे पूरी निष्पक्षता से काम करें और किसी भी दल की शिकायत का तुरंत समाधान करें। साथ ही, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फर्जी खबरों पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए हैं।
सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर भरोसा जताया। उनका कहना है कि इन कदमों से मतदाताओं को सुविधा मिलेगी और चुनाव और भी पारदर्शी होंगे।
चुनाव आयोग के यह फैसले न सिर्फ मतदान को आसान बनाएंगे, बल्कि जनता का भरोसा और भी मजबूत करेंगे।
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