दिल्ली/ दार्जिलिंग उत्तर बंगाल के हिल्स क्षेत्र में शनिवार रात से लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी। तेज बारिश से भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे कई गांव प्रभावित हो गए, पुल बह गए और सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई। प्रकाशित प्रशासन की पुष्टि के अनुसार अब तक कम से कम 18 से 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कई मासूम बच्चे भी शामिल हैं।
भारी बारिश से मिरिक, सुकियापोखरी, कालिम्पोंग और दार्जिलिंग टाउन सबसे अधिक प्रभावित हुए। कई जगह मकान मलबे में दब गए और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट गया। Mathrubhumi और HT की रिपोर्ट्स के अनुसार मृतकों में कम से कम 7 बच्चे भी शामिल हैं। फिलहाल एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा,
“दार्जिलिंग में भूस्खलन से हुई मौतें अत्यंत दुखद हैं। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। केंद्र सरकार हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी।”
मुख्यमंत्री का बयान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटनास्थल का दौरा करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा,
“दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों में आई इस आपदा से हम सब स्तब्ध हैं। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों की मदद और पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उठाएगी। राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता भेजी जा रही है।”
दार्जिलिंग पुलिस, जिलाधिकारी कार्यालय और राज्य सरकार ने मिलकर बचाव कार्य जारी रखा है। प्रभावित इलाकों से पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा रहा है और लापता लोगों की तलाश तेज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों में अस्थिरता आई और बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ।
दार्जिलिंग की इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले सभी लोगों को खबर वन न्यूज परिवार भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। मासूम बच्चों और परिवारों की असमय मृत्यु पूरे देश के लिए गहरा आघात है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे और शोकाकुल परिवारों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे।
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