भोपाल: रीवा 8 दिन पहले इंजीनियर पर जालसाजी के आरोप— विभाग द्वारा फाइल दबाकर बचाने का प्रयास ।

Spread the love

रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग में एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है, जहां कार्यपालन यंत्री एस.बी. रावत पर सेवा पुस्तिका में कूटरचना, जालसाजी, अचल संपत्ति विवरण छुपाने और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि 30 अप्रैल 2026 को उनकी सेवानिवृत्ति तय है, और अब तक उन पर विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है ।

शिकायतकर्ता शिवानंद द्विवेदी द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के अनुसार, अधीक्षण यंत्री द्वारा की गई जांच में इन आरोपों को सिद्ध बताया गया । यह जांच प्रतिवेदन 10 जून 2025 को ही कमिश्नर रीवा संभाग को भेजा गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी।

लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है।

फाइल दबाने का खेल?

बताया जा रहा है कि कमिश्नर कार्यालय से यह मामला आगे प्रमुख अभियंता, भोपाल को भेजा गया, लेकिन करीब 6 महीने से ज्यादा समय तक फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि इस देरी का मकसद सिर्फ इतना है कि अधिकारी बिना दंड के रिटायर हो जाएं और उन्हें पेंशन-ग्रेच्युटी का पूरा लाभ मिल जाए।

वायरल ऑडियो-वीडियो से बढ़ी सियासत

मामले में एक कथित वायरल ऑडियो-वीडियो का भी जिक्र है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों पर लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन इससे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।

RTI में बड़ा खुलासा

आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक एस.बी. रावत के खिलाफ न तो आरोप पत्र जारी हुआ और न ही कोई विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। इससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि कहीं पूरे मामले को जानबूझकर ठंडे बस्ते में तो नहीं डाला जा रहा।

बड़ा सवाल

क्या मध्यप्रदेश का सिस्टम एक ऐसे अधिकारी को साफ-सुथरा रिटायरमेंट देने जा रहा है, जिस पर गंभीर भ्रष्टाचार और जालसाजी के आरोप जांच में सामने आ चुके हैं?

कार्रवाई की मांग तेज

शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर मांग की है कि—

  • तुरंत आरोप पत्र जारी किया जाए
  • विभागीय जांच बैठाई जाए
  • पेंशन और ग्रेच्युटी रोकी जाए
  • और पूरे मामले में FIR दर्ज हो

अगर अब भी नहीं हुई कार्रवाई तो उठेंगे बड़े सवाल

रिटायरमेंट में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यह मामला न सिर्फ रीवा बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में “भ्रष्टाचार को संरक्षण” का बड़ा उदाहरण बन सकता है ।

शिकायत पत्र लिंक :

https://bit.ly/4sVANam

One thought on “भोपाल: रीवा 8 दिन पहले इंजीनियर पर जालसाजी के आरोप— विभाग द्वारा फाइल दबाकर बचाने का प्रयास ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *