कोटा, 11 जून। राजस्थान के कोटा शहर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक ही पंजीकरण नंबर RJ 20 TA 3692 की दो अलग-अलग कारें दिखाई देने के बाद प्रशासनिक और परिवहन विभाग में हलचल मच गई है। मामला तब और गंभीर हो गया जब दोनों वाहन कथित रूप से कलेक्ट्रेट परिसर में एक साथ खड़े दिखाई दिए।
जानकारी के अनुसार, इसी नंबर की एक कार जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) कार्यालय में अनुबंध पर संचालित बताई जा रही है, जबकि दूसरी कार भी शहर में इसी नंबर के साथ चलती हुई देखी गई। दोनों वाहनों पर एक ही नंबर होने की सूचना सामने आते ही लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि आखिर एक ही नंबर दो अलग-अलग वाहनों को कैसे आवंटित हो सकता है।
मामले की चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद तेज हुई। वीडियो में दोनों वाहनों के एक ही नंबर के साथ दिखाई देने का दावा किया गया है। इसके बाद फर्जी नंबर प्लेट, वाहन पंजीकरण में त्रुटि या किसी प्रकार की धोखाधड़ी की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह परिवहन विभाग की तकनीकी या प्रशासनिक गलती है, नंबर प्लेट की जालसाजी है अथवा किसी अन्य प्रकार की अनियमितता। फिलहाल किसी भी पक्ष को दोषी नहीं ठहराया गया है।
इस घटना ने वाहन पंजीकरण प्रणाली की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी।
(नोट: यह मामला जांचाधीन है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।)
स्रोत: वायरल वीडियो (Kota City Digital Media)
