चंडीगढ़, 8 दिसंबर।(एजेंसी) पंजाब कांग्रेस ने पूर्व विधायक और पूर्व क्रिकेटर-नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस विवादास्पद बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि पंजाब में मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए “500 करोड़ रुपये का सूटकेस” देना पड़ता है। उनके इस आरोप ने प्रदेश राजनीति में भूचाल ला दिया और कांग्रेस नेतृत्व को कठोर कदम उठाने पर मजबूर किया।
नवजोत कौर ने अपने बयान में कहा था कि पार्टी में बड़े पदों पर पहुंचने के लिए धनबल का प्रयोग होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट और मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद भी लेन-देन के आधार पर तय किए जाते हैं। बयान सामने आते ही कांग्रेस की राज्य इकाई ने इसे “अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना” और “पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला” करार दिया। पार्टी ने कहा कि ऐसे आरोप बिना किसी ठोस सबूत के लगाए गए और इससे संगठन की साख पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
निलंबन के बाद भी नवजोत कौर पीछे नहीं हटीं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे पार्टी में गुटबाजी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। एक अन्य बयान में उन्होंने कुछ नेताओं पर उपचुनाव टिकटों के लिए 5-5 करोड़ रुपये लेने का आरोप भी लगाया। इन दावों ने पूरे कांग्रेस संगठन में खलबली मचा दी।
वहीं, कांग्रेस ने उनके आरोपों को “निराधार और मनगढ़ंत” बताते हुए कहा कि टिकट या पदों के बदले धन लेने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नवजोत कौर के बयान विपक्ष को हथियार देने की कोशिश मात्र हैं।
इस विवाद के बाद AAP और BJP ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह “संस्थागत भ्रष्टाचार” का स्पष्ट प्रमाण है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह प्रकरण पंजाब कांग्रेस के भीतर गहरे असंतोष को भी उजागर करता है। मामला अभी पूरी तरह शांत होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
