रीवा में उद्योगों के लिए खुल रहे विकास के नए दरवाजे, कलेक्टर बोले—निवेशकों को सुविधा में नहीं आएगी कोई कमी

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संभाग स्तरीय निवेशक सम्मेलन में उद्योगपतियों को भरोसा; कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बैंकर्स से कहा—औद्योगिक निवेश के प्रस्तावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण से करें कार्रवाई

रीवा। औद्योगिक विकास को जिले की आर्थिक तस्वीर बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा है कि रीवा में उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल निवेश के प्रस्ताव लेना नहीं, बल्कि उद्योगों को जमीन से लेकर जरूरी आधारभूत सुविधाओं तक ऐसा वातावरण देना है, जिसमें निवेश धरातल पर उतर सके और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित संभाग स्तरीय निवेशक सम्मेलन में कलेक्टर ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी दिशा में रीवा जिले में भी औद्योगिक विकास को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास केन्द्रों में नाममात्र की राशि पर विभिन्न आकार के भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में बिजली, पानी और सड़क जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।कलेक्टर ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उद्योग लगाने की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कठिनाई आती है तो उसके समाधान के लिए जिला प्रशासन उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि जिले का आर्थिक विकास उद्योगों के विस्तार से सीधे जुड़ा है और नए उद्यमों के साथ-साथ स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

छोटी तकनीकी कमियों पर प्रस्ताव खारिज न करें बैंक

निवेशक सम्मेलन में कलेक्टर ने बैंकर्स की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश से जुड़े प्रस्तावों पर बैंकर्स सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्रवाई करें। छोटी-मोटी तकनीकी कमियों के कारण उद्यम लगाने के प्रस्तावों को सीधे अमान्य करने के बजाय आवश्यक सुधार का अवसर दिया जाए।उन्होंने कहा कि जिले में निवेश करने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उद्योगों का विस्तार होने से केवल उत्पादन और रोजगार नहीं बढ़ेगा, बल्कि बैंकिंग कारोबार में भी वृद्धि होगी। उद्यमी अपने व्यवसाय के साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं, इसलिए निवेश की प्रत्येक संभावना को गंभीरता से आगे बढ़ाने की जरूरत है।

विंध्य में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर जोर

क्षेत्रीय संचालक औद्योगिक विकास निगम यूके तिवारी ने कहा कि रीवा संभाग में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। विंध्य क्षेत्र में खनिज संपदा और जल संसाधनों की उपलब्धता को औद्योगिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया गया। उन्होंने कहा कि सिंगरौली में 15 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।उन्होंने बताया कि संभाग के सभी जिलों में औद्योगिक केन्द्र विकास के लिए करीब एक-एक हजार एकड़ भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है। इन्वेस्टर्स मीट के बाद बड़ी संख्या में उद्यमी विंध्य में निवेश की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र घूमा-कटरा के लगभग सभी भूखंड उद्योगपतियों द्वारा लिए जा चुके हैं।रीवा में रेलवे लाइन, एयरपोर्ट और फोरलेन सड़कों जैसी कनेक्टिविटी को औद्योगिक विकास के लिए नए अवसरों के रूप में रेखांकित किया गया।

घर बैठे ऑनलाइन मिल सकता है औद्योगिक भूखंड

जिला महाप्रबंधक उद्योग जेपी तिवारी ने बताया कि औद्योगिक विकास केन्द्रों में भूखंडों का ऑनलाइन आवंटन किया जा रहा है। उद्यमी घर बैठे आवेदन कर भूखंड प्राप्त कर सकते हैं। औद्योगिक केन्द्र घूमा में लगभग 20 से 22 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।सम्मेलन में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास नीति-2025, स्टार्टअप नीति-2025 और भूमि आवंटन नियम-2025 के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। पर्यटन उद्योग के विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। सम्मेलन में संभाग के प्रमुख उद्यमी तथा औद्योगिक विकास से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

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