नईदिल्ली । पीआईबी: भारत आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। वह दौर पीछे छूट चुका है जब युवाओं के सामने सीमित अवसर और अनिश्चित भविष्य होता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर, वीर बाल दिवस के अवसर पर नई पीढ़ी को स्पष्ट संदेश दिया —
प्रधानमंत्री ने कहा आज का भारत अवसरों से भरा हुआ है और Gen-Z उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में हताशा का नहीं, बल्कि आशा और आत्मविश्वास का वातावरण है।
तकनीक, स्टार्ट-अप, खेल, अंतरिक्ष, रक्षा, डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आत्मनिर्भर भारत जैसे क्षेत्रों में आज युवाओं के लिए अनगिनत रास्ते खुले हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ शब्दों में कहा—
“उम्र कभी भी बड़ी सोच और बड़े लक्ष्य में बाधा नहीं बनती। इतिहास गवाह है कि भारत को दिशा देने वाले अनेक परिवर्तन युवाओं ने ही किए हैं।”
उन्होंने Gen-Z और Gen-Alpha की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह पीढ़ी केवल नौकरी खोजने वाली नहीं, बल्कि नौकरी देने वाली पीढ़ी बनेगी।
अनुशासन, परिश्रम और नवाचार के बल पर युवा भारत को विकसित भारत @2047 की ऊँचाई तक ले जाएंगे।
वीर बाल दिवस के संदर्भ में साहिबजादों के साहस का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे
✔️ आसान रास्तों की बजाय सही रास्ता चुनें
✔️ तात्कालिक लोकप्रियता नहीं, दीर्घकालिक योगदान सोचें
✔️ देश को पहले रखने का संस्कार अपनाएँ
संदेश केवल भाषण नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए रोडमैप है।
आज का युवा मोबाइल हाथ में रखता है, लेकिन उसकी सोच वैश्विक है। अगर यही ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लग जाए, तो भारत को रोक पाना असंभव है।
अब समय है—
देखने का नहीं, करने का।
शिकायत का नहीं, समाधान का।
भीड़ का हिस्सा बनने का नहीं, नेतृत्व करने का।
👉 Gen-Z, यही तुम्हारा समय है।
भारत तुमसे आगे बढ़ेगा,
और तुम भारत के साथ।
प्रधानमंत्री का संदेश सुने :
