नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्ग प्रबंधन को और अधिक सुरक्षित व तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा समर्थित भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) ने राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग संचालन और उससे जुड़े डिजिटल प्लेटफार्मों में साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और फोरेंसिक विश्वसनीयता को मजबूत करना है।
यह एमओयू एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव, आईएचएमसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री विशाल चौहान सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आईएचएमसीएल के मुख्य परिचालन अधिकारी श्री ए.आर. चित्रांशी और एनएफएसयू गांधीनगर के कैंपस निदेशक डॉ. एस.ओ. जुनारे द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। एनएफएसयू सरकार का राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, जिसका मुख्यालय गुजरात के गांधीनगर में स्थित है।
समझौते के तहत साइबर फोरेंसिक्स, डिजिटल साक्ष्य अखंडता, मल्टीमीडिया विश्लेषण और उन्नत तकनीकी अनुप्रयोगों के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण और परामर्श को बढ़ावा दिया जाएगा। एनएफएसयू, आईएचएमसीएल को सीसीटीवी, ऑडियो-वीडियो विश्लेषण और साइबर फोरेंसिक से जुड़ी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के विकास में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। साथ ही, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से साइबर लचीलापन और साक्ष्य सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा।
यह सहयोग मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ), उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान और वे-इन-मोशन जैसी आधुनिक प्रणालियों में सुरक्षित कैमरा सिस्टम, एन्क्रिप्टेड डेटा स्टोरेज और साइबर सुरक्षा समीक्षा को सुदृढ़ करेगा। तीन वर्षों के लिए वैध यह समझौता देशभर में तेजी से फैल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के लिए एक सुरक्षित और मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

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