टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश)
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में जिस घटना को “पत्रकार पर हमला, अस्पताल में घुसकर बचाई जान” बताया जा रहा है, वह घटना आंशिक रूप से सही लेकिन शब्दों में बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई है। उपलब्ध और सत्यापित जानकारी के अनुसार यह मामला टीकमगढ़ जिला अस्पताल का है, जहां स्थानीय पत्रकार डीपी राजपूत एक सड़क दुर्घटना की खबर की कवरेज करने पहुंचे थे। इसी दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद कुछ लोगों से विवाद के बाद पत्रकार, उनकी पत्नी और बेटी के साथ मारपीट की गई, जिसका वीडियो किसी व्यक्ति ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया।
वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि पत्रकार पर जूते-चप्पल से हमला किया जा रहा है और वह अपनी जान बचाने के लिए अस्पताल परिसर के भीतर भागते नजर आते हैं। हालांकि, किसी भी आधिकारिक समाचार रिपोर्ट या पुलिस बयान में यह नहीं कहा गया है कि पत्रकार ने किसी की “जान बचाई”। “अस्पताल में घुसकर जान बचाई” जैसे शब्द सोशल मीडिया कैप्शन और रील्स के लिए गढ़े गए नाटकीय दावे हैं, जिनकी पुष्टि नहीं होती।
इस मामले को लेकर अमर उजाला सहित स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट किया है कि पत्रकार ने घटना के बाद पुलिस को लिखित शिकायत दी है और पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट है कि घटना मारपीट और पत्रकार पर हमले की है, न कि किसी “हीरोइक रेस्क्यू” की।
वायरल वीडियो लिंक (सोशल मीडिया):
▶️ YouTube Shorts: https://www.youtube.com/shorts/tHQMmBK51D
