नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं और अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार की ओर से पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।
वहीं, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ी सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन के दौरान किसी महिला की मौत होने का दावा गलत है।
आधिकारिक रूप से सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, सरकार ने पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय का भरोसा दिया है, जबकि प्रदर्शनकारियों की ओर से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में जंतर-मंतर का यह आंदोलन अब सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद तथा समाधान की दिशा में अगले कदम पर टिका हुआ है।
