विंध्य में वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा: ब्यौहारी से शेरू पारधी गिरफ्तार, चीन-म्यांमार तक बाघ के अंगों की तस्करी के आरोप; सीधी में भाजपा नेता के नाती की थार से तीन तेंदुओं की खाल बरामद

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शहडोल/सीधी। मध्यप्रदेश में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई ने एक बार फिर बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है। शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र से कुख्यात वन्यजीव शिकारी शेरू पारधी उर्फ शेरू सिंह को स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की जबलपुर क्षेत्रीय इकाई ने गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी लंबे समय से बाघ के शिकार और उसके अंगों की अवैध तस्करी से जुड़े मामले में फरार चल रहा था। इस नेटवर्क की कड़ियां मध्यप्रदेश से निकलकर म्यांमार और आगे चीन तक पहुंचने की आशंका जांच में सामने आई है।इसी बीच सीधी जिले में भाजपा नेता के नाती से जुड़ी थार गाड़ी से तीन तेंदुओं की खाल बरामद होने की कार्रवाई ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। दोनों घटनाओं ने विंध्य क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा और अवैध शिकार के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर लोगों का ध्यान खींचा है।

डेढ़ साल से STF के रडार पर था शेरू

शहडोल में पकड़ा गया शेरू पारधी कथित तौर पर करीब डेढ़ वर्ष से फरार था। मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर बालाघाट में सामने आए बाघ शिकार के मामले की जांच कर रही थी। इसी जांच के दौरान शेरू की भूमिका सामने आने के बाद उसकी तलाश तेज की गई।बताया जा रहा है कि देश के अलग-अलग राज्यों की एजेंसियां भी इस आरोपी की तलाश कर रही थीं। जांच में संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है, जिसमें शिकारी बाघों का शिकार कर उनकी खाल, हड्डियों और दूसरे अंगों को तस्करों तक पहुंचाते थे।

पांच राज्यों तक फैला नेटवर्क, 8 आरोपी गिरफ्तार

जांच में अब तक मध्यप्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और मेघालय से जुड़े आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार गिरोह में शामिल लोग अलग-अलग राज्यों में सक्रिय रहकर वन्यजीवों का शिकार करते थे।जांच में यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्य वर्ष 2024-25 के दौरान महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में बाघों के शिकार में सक्रिय रहे। बाघ के अंगों को पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय कथित तस्करों तक पहुंचाया जाता था, जहां से अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ने की बात सामने आई है।

म्यांमार के रास्ते चीन तक पहुंचने की आशंका

जांच एजेंसियों के अनुसार बाघ की खाल, हड्डियां और अन्य अवयव पहले मेघालय, असम और मिजोरम के कुछ तस्करों तक पहुंचाए जाते थे। इसके बाद कथित तौर पर इनका संपर्क म्यांमार के एक तस्करी नेटवर्क से था। जांचकर्ताओं को आशंका है कि वन्यजीवों के अंगों की यह अवैध खेप आगे चीन और अन्य देशों तक पहुंचाई जाती थी।हालांकि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

मुखबिर की सूचना ने खोला रास्ता

शेरू पारधी तक पहुंचने के लिए STSF ने अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। सूचना मिलने के बाद विशेष टीम को 4 सितंबर को शहडोल के आसपास के इलाकों में भेजा गया। निगरानी और तलाश के बाद टीम ने ब्यौहारी क्षेत्र से शेरू पारधी और उसकी पत्नी को पकड़ लिया।बताया गया है कि दोनों किसी वन्यजीव के शिकार की तैयारी में थे। उनके कब्जे से छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी और पक्षी पकड़ने का जाल बरामद किया गया है।शेरू पारधी कटनी जिले का निवासी बताया गया है, जबकि उसकी पत्नी बिनौरी बाई को मामले में सह-आरोपी बनाया गया है।

फॉरेस्ट रिमांड पर पूछताछ, खुल सकते हैं कई राज

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को 5 सितंबर को विशेष न्यायालय जबलपुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की फॉरेस्ट रिमांड पर लिया गया है। अब जांच एजेंसियां आरोपी से उसके पुराने संपर्कों, शिकार की घटनाओं, वन्यजीव अंगों की खरीद-फरोख्त और कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ कर रही हैं।STSF की पूछताछ में यदि अहम सुराग हाथ लगते हैं तो वन्यजीव तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है।

सीधी में तीन तेंदुओं की खाल बरामदगी से मचा हड़कंप

उधर सीधी जिले में भी वन्यजीव अपराध से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भाजपा नेता के नाती से जुड़ी थार गाड़ी से तीन तेंदुओं की खाल बरामद होने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के आगरा में पकड़े गए एक कथित शिकारी गिरोह से मिले सुरागों के बाद आगे बढ़ी।बताया जा रहा है कि 23 जुलाई को आगरा पुलिस और वन विभाग ने शिकारियों के एक गिरोह को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान सीधी में वन्यजीवों की खाल की कथित बिक्री से जुड़े सुराग मिले। इसके बाद मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने सीधी में कार्रवाई की।मामले में STSF की टीम आरोपियों से वन विभाग के गेस्ट हाउस में पूछताछ कर रही है। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की ओर से जांच पूरी होने तक ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने की बात सामने आई है।

क्या विंध्य में सक्रिय है बड़ा वन्यजीव शिकार नेटवर्क?

शहडोल में बाघ के कथित शिकारी की गिरफ्तारी और सीधी में तीन तेंदुओं की खाल की बरामदगी ने विंध्य क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि संरक्षित वन्यजीवों का शिकार करने वाले गिरोह आखिर किन रास्तों और किन संपर्कों के जरिए सक्रिय हैं?वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों का आरोप है कि शिकारियों पर कार्रवाई के बावजूद वन्यजीवों के अवैध कारोबार का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अब निगाहें जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर हैं। यदि पूछताछ में तस्करी की पूरी श्रृंखला सामने आती है तो यह कार्रवाई मध्यप्रदेश में वन्यजीव अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता साबित हो सकती है।

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