बैरिकेड तोड़कर भागी कर्नाटक नंबर की काली थार, करीब डेढ़ घंटे तक चला पीछा; टायर के भीतर मिले एम्फेटामाइन के 21 पैकेट, 7.116 किलो मादक पदार्थ जब्त
इंदौर/मध्यप्रदेश। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की संयुक्त टीम ने बड़ी बरामदगी की है। अधिकारियों के मुताबिक, कर्नाटक नंबर की एक काली महिंद्रा थार की स्टेपनी के भीतर छिपाकर ले जाई जा रही 7.116 किलोग्राम एम्फेटामाइन जब्त की गई है। बरामद मादक पदार्थ का अनुमानित मूल्य करीब 5.69 करोड़ रुपये बताया गया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।कार्रवाई की शुरुआत 30 सितंबर 2026 की सुबह हुई, जब उज्जैन-देवास टोल प्लाजा के पास बांगर क्षेत्र में टीम को संदिग्ध वाहन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी किए जाने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने काली थार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने कथित तौर पर बैरिकेड तोड़ दिया और वाहन तेज रफ्तार से भगाने लगा।इसके बाद तस्करी के संदेह में चल रहे वाहन को पकड़ने के लिए अधिकारियों ने पीछा शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद टीम ने इंदौर के बिचोली मर्दाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के पास वाहन को घेरकर रोक लिया।
स्टेपनी के भीतर बना रखा था नशा छिपाने का ठिकाना
वाहन की तलाशी के दौरान जो सामने आया, उसने जांच को एक नया मोड़ दे दिया। अधिकारियों के मुताबिक, थार की स्टेपनी के भीतर छिपाकर रखे गए 21 पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में सफेद-पीले रंग का क्रिस्टल जैसा पदार्थ भरा हुआ था।प्रारंभिक जांच के लिए NDPS फील्ड टेस्ट किट का इस्तेमाल किया गया, जिसमें पदार्थ के एम्फेटामाइन होने की पुष्टि होने की बात कही गई है। इसके बाद कुल 7.116 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया और तस्करी में इस्तेमाल किए जाने के संदेह वाले वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया।इस कार्रवाई में इस्तेमाल की गई कथित छिपाने की तरकीब ने जांच एजेंसियों का ध्यान वाहन के भीतर मादक पदार्थों की ढुलाई के तरीके पर केंद्रित कर दिया है। हालांकि, इस मामले में नशे की आपूर्ति कहां से हुई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था, जैसे सवालों के जवाब विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई, नेटवर्क की पड़ताल जारी
मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) के तहत कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसियां अब जब्त मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।जांच के दौरान यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद एम्फेटामाइन की खेप कहां से लाई गई थी, इसके पीछे कौन लोग जुड़े थे और क्या इस कारोबार का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैला हुआ है।फिलहाल, तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थ की बरामदगी इस कार्रवाई के प्रमुख तथ्य हैं। तस्करी के पूरे नेटवर्क, आपूर्ति के स्रोत और संभावित अन्य आरोपियों के संबंध में अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
