शुक्रवार का दिन: लक्ष्मी कृपा और शुक्र ग्रह से जुड़ा विशेष महत्व

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खबरवन न्यूज डेस्क : आज शुक्रवार है—ऐसा दिन जो धन, ऐश्वर्य और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। भारतीय पंचांग में हर वार किसी ग्रह के अधिपति से जुड़ा है और शुक्रवार का स्वामी है शुक्र ग्रह। यही कारण है कि इस दिन का नाम पड़ा “शुक्रवार”।

धार्मिक मान्यता अनुसार हिंदू धर्मग्रंथों में शुक्रवार को महालक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन यदि श्रद्धा भाव से लक्ष्मी जी की आराधना की जाए तो घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। भक्तजन सफेद वस्त्र पहनकर, खीर या सफेद मिठाई अर्पित करके माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करते हैं।

यही नहीं, शुक्रवार को संतोषी माता का व्रत भी रखा जाता है। इस व्रत में भक्त दिनभर गुड़ और चने का सेवन करते हैं तथा खट्टे पदार्थों से दूर रहते हैं। मान्यता है कि इस व्रत से परिवार में शांति, संतोष और सुख की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषीय दृष्टि से शुक्र ग्रह को भोग, कला, संगीत और वैवाहिक सुख का कारक माना गया है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि जिनकी कुंडली में शुक्र मजबूत होता है, उन्हें जीवन में धन, वैवाहिक सुख और आकर्षण की प्राप्ति होती है। वहीं, कमजोर शुक्र व्यक्ति को आर्थिक और वैवाहिक कठिनाइयों में डाल सकता है।

शुक्रवार को कुछ विशेष नीचे दिये गए उपाय करके इंसान अपने जीवन में सुख की प्राप्ति कर सकता है ।

सफेद वस्त्र धारण करना

गरीबों को दूध, चावल या दही का दान करना

सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार सामग्री भेंट करना

लक्ष्मी जी के मंदिर में दीपक जलाना

क्या करें और क्या न करें :-

शुक्रवार को सफाई और शांति का विशेष ध्यान रखना चाहिए। घर में सुगंध और पवित्रता का वातावरण बनाना शुभ माना जाता है। वहीं, इस दिन लोहे और खट्टे पदार्थों का दान वर्जित है।

इस प्रकार शुक्रवार न केवल एक दिन है, बल्कि यह लक्ष्मी कृपा, समृद्धि और शुक्र ग्रह की ऊर्जा से जुड़ा विशेष पर्व है। श्रद्धापूर्वक पूजा, व्रत और दान करने से जीवन में सुख-शांति और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है।

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