बच्चों की नदी में डूबने से मौत, गुंजल पहुंचे मृतकों के गांव जिला कलेक्टर से मुआवजा दिए जाने रखी माँग

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कोटा। छुआरी धाम के पास पार्वती नदी में डूबकर चार मासूम बच्चों की मौत ने खातौली और वेजपुर निमोला गांवों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव की गलियों में मातम पसरा हुआ है, घरों से उठती सिसकियों और चीखों ने हर किसी का दिल दहला दिया। माता-पिता अपने लालों की याद में बेसुध होकर बार-बार वही सवाल कर रहे हैं—“आखिर हमारे नन्हे क्यों छिन गए?”

इस दुख की घड़ी में सोमवार को पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल शोक संतप्त परिवारों के बीच पहुंचे। आंखों में आंसू और भारी मन से उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा— “यह पीड़ा शब्दों में नहीं बयां की जा सकती। मैं आपके दुख में आपके साथ हूं।”

गुंजल ने मौके पर ही जिला कलेक्टर कोटा से फोन पर वार्ता की और चारों परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तुरंत सहायता दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार के नियमों के तहत जो मुआवजा बनता है, उसे शीघ्र दिलाया जाए। इस पर कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया जल्द पूरी कर परिजनों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

गांव में हर कोई स्तब्ध है। घटना के कई दिन बाद भी मातम का सन्नाटा छाया हुआ है। जिन घरों में मासूमों की किलकारियां गूंजती थीं, आज वहीं चीत्कार गूंज रही है। महिलाएं और बुजुर्ग रो-रोकर बेहाल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा पूरे गांव के लिए एक गहरा ज़ख्म है।

इसी दौरान गुंजल ने खातौली में कुछ दिन पहले पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रताप सिंह हाड़ा की माता जी के निधन पर भी उनके निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रमेशचंद नागर, जिला परिषद सदस्य गिरिराज मीणा, एलएनजी खातोलिया शैक्षिक प्रकोष्ठ, जिला महासचिव सुरेश बैरवा, एवन बैरवा, पूर्व मंडल अध्यक्ष रामरतन बैरवा, युवा कांग्रेस समन्वयक हर्षित गुर्जर, पूर्व सरपंच रामप्रसाद गुर्जर सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

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