नई दिल्ली/(एजेंसी)प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में रविवार सुबह चलती ट्रेन में हुए एक सनसनीखेज हमले ने कानून-व्यवस्था और गवाहों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी पर उस समय जानलेवा हमला हुआ जब वह रीवा एक्सप्रेस से प्रयागराज की ओर जा रहे थे। आशुतोष वही व्यक्ति हैं जिन्होंने हाल ही में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार घटना रविवार सुबह लगभग 5 बजे की बताई जा रही है। आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक ट्रेन प्रयागराज की ओर बढ़ रही थी, तभी एक अज्ञात व्यक्ति अचानक उनके पास पहुंचा और धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमलावर ने उनके चेहरे और नाक पर वार करने की कोशिश की। अचानक हुए हमले से ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। खुद को बचाने के प्रयास में आशुतोष के हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
हमलावर से बचने के लिए आशुतोष ब्रह्मचारी ने तत्काल ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया और वहीं से रेलवे पुलिस को सूचना दी। बाद में ट्रेन के अगले स्टेशन पर पहुंचने के बाद रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी ने उन्हें बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस हमले के पीछे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके अनुयायियों की भूमिका हो सकती है। हालांकि शंकराचार्य पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे मनगढ़ंत और साजिश करार दिया है तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज जीआरपी ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों और यात्रियों के बयान के आधार पर हमलावर की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
इस घटना ने रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ हाई-प्रोफाइल मामलों में शिकायतकर्ताओं और गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर चलती ट्रेन में हमला करने वाला व्यक्ति कौन था और इसके पीछे असली साजिश क्या है।
