जयपुर। (मीडिया) पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दुबई, अबूधाबी और शारजाह जैसे प्रमुख खाड़ी हवाई अड्डों से भारत आने वाली उड़ानें गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं, जिससे हजारों यात्री फंस गए हैं और टिकटों की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी हो गई है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़े संघर्ष के कारण कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपने एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिए, जिसके चलते पूरे खाड़ी क्षेत्र में उड़ानों का संचालन बाधित हो गया।
दुबई एयरपोर्ट की वर्तमान स्थिति
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो सामान्य दिनों में दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में गिना जाता है और रोज लगभग 1200 उड़ानों का संचालन करता है, युद्धजनित परिस्थितियों के कारण अचानक लगभग ठप स्थिति में पहुंच गया। एक समय ऐसा आया जब पूरे दिन में केवल 16 टेक-ऑफ और 4 लैंडिंग ही दर्ज की गईं, जो सामान्य संचालन की तुलना में बेहद कम हैं।
क्षेत्रीय तनाव के कारण ईरान, इराक, कतर, कुवैत, बहरीन और यूएई सहित कई देशों के एयरस्पेस में प्रतिबंध लगाए गए, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या डायवर्ट करना पड़ा। परिणामस्वरूप दुबई और अबूधाबी जैसे प्रमुख ट्रांजिट हब पर हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो गईं।
सीमित उड़ानें और विशेष सेवाएं
स्थिति को संभालने के लिए यूएई प्रशासन ने दुबई इंटरनेशनल (DXB) और दुबई वर्ल्ड सेंट्रल एयरपोर्ट से सीमित संख्या में उड़ानों की अनुमति दी है, जिनका उद्देश्य मुख्य रूप से फंसे यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल तभी एयरपोर्ट जाएं जब उनकी फ्लाइट की पुष्टि हो चुकी हो।
भारतीय यात्रियों को राहत देने के लिए भारतीय एयरलाइंस ने भी अतिरिक्त और विशेष उड़ानें शुरू की हैं। रिपोर्टों के अनुसार कई एयरलाइंस ने भारत के लिए विशेष उड़ानें संचालित करने की घोषणा की है, ताकि दुबई और अन्य खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाया जा सके।
टिकट कीमतों में भारी उछाल
उड़ानों की संख्या कम होने और यात्रियों की मांग बढ़ने के कारण किराए में भी जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। सामान्य दिनों में दुबई या शारजाह से जयपुर का टिकट लगभग 12 से 15 हजार रुपये के आसपास मिलता है, लेकिन वर्तमान हालात में कई रूटों पर टिकट 40 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक पहुंच गया है।
कई यात्रियों को दुबई या अबूधाबी से सीधे जयपुर की उड़ान नहीं मिलने पर रस-अल-खैमा, मुंबई या दिल्ली के रास्ते भारत लौटना पड़ रहा है, जहां से वे आगे की यात्रा कर रहे हैं।
निष्कर्ष
खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध और एयरस्पेस प्रतिबंधों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। दुबई जैसे वैश्विक हवाई केंद्र पर सीमित उड़ानें और बढ़ती भीड़ के कारण भारत लौटने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और टिकट कीमतें भी सामान्य से कई गुना बढ़ चुकी हैं।

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