UP-अयोध्या में फर्जी वकीलों के प्रवेश पर सख्ती, अदालत परिसर में आईडी कार्ड की जांच

Spread the love

नई दिल्ली|उत्तर प्रदेश (मीडिया) अयोध्या में अदालत परिसर के भीतर अधिवक्ताओं के पहचान पत्रों की जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई बार पदाधिकारियों की निगरानी में की जा रही है, जिसमें पंडित कालिका प्रसाद मिश्रा और महामंत्री शैलेंद्र जायसवाल की निगरानी  में वकीलों के आईडी कार्ड, पंजीकरण और ड्रेस कोड की जांच की गई।

मिली जानकारी के अनुसार, अदालत परिसर में लंबे समय से बाहरी लोगों और फर्जी तरीके से वकील बनकर घूमने वालों की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसी को देखते हुए यह विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया गया।

बिना ड्रेस आने वालों को दी गई चेतावनी

जांच के दौरान कई ऐसे लोग मिले जो अधिवक्ता ड्रेस कोड में नहीं थे। बार पदाधिकारियों ने ऐसे लोगों से पहचान पत्र दिखाने को कहा और भविष्य में निर्धारित ड्रेस पहनकर ही कोर्ट आने की हिदायत दी। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को मौखिक चेतावनी देकर छोड़ा गया।

फर्जी वकीलों की तलाश, दस्तावेजों की भी जांच

अभियान के दौरान अधिवक्ताओं के बार रजिस्ट्रेशन और परिचय पत्र का मिलान किया गया। वायरल वीडियो में दावा किया गया कि कुछ संदिग्ध लोगों की पहचान हुई है, जिनके दस्तावेजों की अलग से जांच की जा रही है। हालांकि अब तक आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल कितने लोग फर्जी पाए गए या कितनों के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई शुरू हुई है।

बार पदाधिकारियों ने क्या कहा

बार से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि अदालत की गरिमा बनाए रखने और वास्तविक अधिवक्ताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान जरूरी है। उनका कहना है कि जो लोग बिना वैध पंजीकरण या पहचान पत्र के वकील बनकर परिसर में घूमते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।

इसेभी पढ़ें:

सुरक्षा और अनुशासन पर जोर

इस अभियान को अदालत परिसर में सुरक्षा और अनुशासन से जोड़कर देखा जा रहा है। बार पदाधिकारियों का कहना है कि आगे भी समय-समय पर पहचान पत्र और ड्रेस जांच अभियान चलाया जाएगा ताकि फर्जी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारी के आधार पर ।

https://www.facebook.com/share/v/17EfxSpqGQ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *