अश्लील पोस्ट वायरल विवाद सुराणा पहुंचा अदालत,BJP जिलाध्यक्ष पर परिवाद पेश सुनवाई आज

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सुराणा पक्ष बोला- जिस पोस्ट पर गिरफ्तारी हुई, वही पोस्ट आगे बढ़ाकर माहौल भड़काया

महिला सम्मान, सोशल मीडिया और सत्ता का प्रभाव

अजमेर। दिल्ली की मुख्यमंत्री को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित अश्लील पोस्ट से शुरू हुआ विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। इस मामले में भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी के खिलाफ अदालत में परिवाद पेश होने के बाद अजमेर की राजनीति में नया भूचाल आ गया है। मामला अब केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि महिला सम्मान, राजनीतिक उकसावे, कानून की समानता और सत्ता के प्रभाव जैसे गंभीर मुद्दों तक पहुंच गया है।

समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, फॉयसागर रोड निवासी श्रेयांश सुराणा ने अपने अधिवक्ता वैभव जैन के माध्यम से अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2 की अदालत में भाजपा शहर जिला अध्यक्ष रमेश सोनी के खिलाफ परिवाद पेश किया है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि जिस कथित अश्लील पोस्ट को लेकर गंज थाना पुलिस ने पीयूष सुराणा को गिरफ्तार किया था, उसी पोस्ट को रमेश सोनी ने भी आगे प्रसारित किया।

ऐसे शुरू हुआ पूरा विवाद

जानकारी के अनुसार, दिल्ली की मुख्यमंत्री को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री वायरल हुई थी। पुलिस ने इस मामले में पीयूष सुराणा को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि फेसबुक अकाउंट के माध्यम से अशोभनीय सामग्री प्रसारित की गई।

इसी बीच विरोधियों का आरोप है कि भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने भी उसी पोस्ट को शेयर कर कार्यकर्ताओं को उकसाने और राजनीतिक माहौल गरमाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि मूल पोस्ट हटाए जाने के बाद भी स्क्रीनशॉट और सामग्री विभिन्न ग्रुपों में प्रसारित होती रही।

थाने में स्याही कांड से और बढ़ा विवाद

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब पुलिस थाना परिसर में भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने पीयूष सुराणा पर स्याही फेंक दी। यह पूरा घटनाक्रम पुलिस की मौजूदगी में हुआ और इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इस मामले में गंज थाने के तीन पुलिस कर्मियों को हटा दिया गया, इसके बाद दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।

खबर सौजन्य से : NDTV

https://rajasthan.ndtv.in/videos/chaos-in-ajmer-black-ink-thrown-on-congress-leader-piyush-surana-bjp-protest-1092842?utm_source=chatgpt.com

सुराणा पक्ष का आरोप है कि राजनीतिक दबाव बनाकर माहौल को एकतरफा दिशा देने का प्रयास किया गया, जबकि भाजपा कार्यकर्ता इसे महिला सम्मान से जुड़ा मामला बता रहे हैं।

अदालत ने मांगी रिपोर्ट

अधिवक्ता वैभव जैन के अनुसार अदालत ने परिवाद को जांच रिपोर्ट के लिए रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की है। रिपोर्ट आने के बाद आगे एफआईआर दर्ज करने अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई पर निर्णय हो सकता है।

इस पूरे मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन लगातार संपर्क से बाहर रहा, जिससे उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

पुराना विवाद हुआ वायरल

इस प्रकरण के बीच रमेश सोनी से जुड़ा पुराना आरोप नगर निगम का नोटिस सामने आ गया । विपक्षी दलों और स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गंज चौराहे स्थित जलदाय विभाग कार्यालय के बाहर कथित रूप से सरकारी भूमि पर भाजपा वार्ड-71 कार्यालय निर्माण को लेकर नगर निगम ने सोनी को पहले नोटिस जारी किया था। आरोप है कि कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी, हालांकि इस संबंध में निगम का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विपक्ष से जुड़े लोगों पर अपने ही विभाग के कर्मियों पर पुलिस सत्ता दबाव में तत्काल कार्रवाई कर लेती है, जबकि सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों पर मामलों में कार्रवाई को दबाया जाता है ।

एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने निष्पक्ष रूप से कहा कि अजमेर “भाजपा के कुछ लोग सत्ता और संगठन के प्रभाव का दुरुपयोग कर पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं। कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए।”

जनता की नजर अब अदालत पर

हाल ही में अजमेर उत्तर क्षेत्र में पानी की टंकी से पानी बहने का वीडियो वायरल होने पर तत्काल एफआईआर दर्ज होने का उदाहरण भी अब इस विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में शहर में चर्चा है कि महिला सम्मान और सोशल मीडिया दुरुपयोग जैसे संवेदनशील मामलों में कानून किस तरह निष्पक्ष कार्रवाई करता है।

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अब पूरा मामला अदालत और पुलिस जांच पर टिका है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई संभव है। वहीं राजनीतिक गलियारों में यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक गर्माने की संभावना जताई जा रही है।

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