टिब्बी में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर बवाल, पुलिस–किसान आमने-सामने
हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी के राठीखेड़ा गांव में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर ग्रामीण अचानक हिंसक हो गए। महापंचायत के बाद हजारों की भीड़ फैक्ट्री साइट की ओर बढ़ी और निर्माणाधीन बाउंड्री पर धावा बोल दिया। भीड़ ने फैक्ट्री परिसर में खड़े कई वाहनों में आग लगा दी। करीब 10 से 14 गाड़ियाँ व एक जेसीबी मशीन जलने की खबर है । स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। झड़प में कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया सहित कई किसान व पुलिसकर्मी घायल हुए।
घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत धारा 144 लागू, इंटरनेट सेवाएँ निलंबित, स्कूल-बाज़ार बंद कराए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने अब तक 107 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर 40 से अधिक को हिरासत में लिया है। प्रशासन का दावा है कि हालात काबू में हैं, लेकिन लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन का कहना
हनुमानगढ़ कलेक्टर डॉ. खुषाल यादव ने कहा कि जिस एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध किया जा रहा है, उसे भूमि रूपांतरण, पर्यावरण मंजूरी सहित सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ मिल चुकी हैं। परियोजना वर्ष 2022 में Rising Rajasthan Summit में स्वीकृत हुई थी।
कलेक्टर ने हिंसा पर कहा कि प्रदर्शन शांति से करने की अनुमति थी, लेकिन कुछ लोगों ने धारा 144 का उल्लंघन कर दीवारें तोड़ीं और आगजनी की। “कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी,” उन्होंने कहा। पुलिस ने बताया कि भीड़ में शामिल बाहरी लोगों ने उपद्रव भड़काया और पुलिस को “बल प्रयोग करना पड़ा”।
किसानों और ग्रामीणों कहना
दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि एथेनॉल फैक्ट्री शुरू होने से भूजल संकट बढ़ेगा, कृषि और पर्यावरण को भारी नुकसान होगा तथा आम जनजीवन प्रभावित होगा। उनका आरोप है कि प्रशासन ने कई बार आश्वासन दिए, लेकिन निर्माण रोकने का लिखित आदेश नहीं दिया, जिसके चलते विरोध तेज करना पड़ा।
किसानों ने पुलिस पर अनुचित बल प्रयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि “लाठीचार्ज और आंसू गैस बिना कारण चलाए गए, कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए।” संघर्ष समिति ने साफ किया कि जब तक प्रशासन लिखित आश्वासन नहीं देता, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कलेक्ट्रेट घेराव की भी घोषणा की है।
हिंसा में घायल कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर विधायक गुरवीर सिंह बराड़ गुरुवार को किसानों से मिले और आश्वासन दिया कि “सभी मांगें सरकार के समक्ष रखी जाएँगी, शांति बनाए रखें ।
क्षेत्र में तनाव बरकरार है। पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इंटरनेट बंद रहने से कई गांव प्रभावित हैं। हालाँकि प्रशासन ने कहा है कि “संवाद के दरवाज़े खुले हैं”, लेकिन ग्रामीण अपने रुख पर अड़े हुए हैं।
