पिथौरागढ़ : पूर्व एसपी लोकेश्वर सिंह दोषी करार, शिकायतकर्ता को निर्वस्त्र कर पीटने का मामला

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राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने उत्तराखंड सरकार को अनुशासनात्मक कार्रवाई दिए आदेश

पिथौरागढ़, 12 दिसंबर(एजेंसी)1
पिथौरागढ़ के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) लोकेश्वर सिंह पर नागरिक के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार का संगीन आरोप सही पाया गया है। उत्तराखंड राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण (PCA) ने अपनी विस्तृत जांच में उन्हें दोषी करार देते हुए राज्य सरकार को अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी किए हैं।

घटना: शिकायत करने गया नागरिक, SP ने कमरे में ले जाकर पीटा

मामला 6 फरवरी 2023 का है, जब पिथौरागढ़ निवासी व्यापारी व आरटीआई कार्यकर्ता लक्ष्मी दत्त जोशी जनहित की समस्या को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन से शिकायत करने पहुंचे थे। आरोप है कि तत्कालीन एसपी लोकेश्वर सिंह ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया और बाद में ऐसे कमरे में ले जाया जहाँ सीसीटीवी कैमरे नहीं थे।

जोशी के अनुसार, एसपी ने वहाँ उन्हें निर्वस्त्र कर दिया, उनके साथ शारीरिक रूप से मारपीट की, अपमानित किया और कार्यालय के पीछे वाले दरवाज़े से बाहर निकाल दिया। घटना में उनके चश्मे तक टूट गए और शरीर पर कई चोटों के निशान आए जिसकी पुष्टि बाद में हुए मेडिकल परीक्षण में भी हुई।

कैसे हुआ खुलासा

शिकायतकर्ता ने मारपीट के बाद मेडिकल कराया और चोटों की रिपोर्ट को सबूत इकट्ठे किए । इसके बाद उन्होंने 8 फरवरी 2023 को उत्तराखंड पुलिस शिकायत प्राधिकरण में विस्तृत शिकायत दर्ज कराते हुए घटना का पूरा ब्यौरा और मेडिकल प्रमाण सौंपे।

प्राधिकरण ने लंबी सुनवाई, बयान, दस्तावेज़ और मेडिकल रिपोर्ट की जांच के बाद पाया कि आरोप विश्वसनीय और प्रमाणित हैं।

पीड़ित ने की कानूनी कार्रवाई

लक्ष्मी दत्त जोशी ने प्राधिकरण को बताया कि वे केवल नागरिक समस्या उठाने गए थे, परंतु उन्हें प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्राधिकरण से न्याय की मांग करते हुए एसपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

जांच और प्राधिकरण का फैसला

जांच में PCA ने पाया कि—

शिकायतकर्ता की चोटें घटना से मेल खाती हैं,

पीड़ित का बयान संगत है,

SP की सफाई असंगत और अविश्वसनीय पाई गई,

पीड़ित को ऐसे कमरे में ले जाया गया जहाँ CCTV नहीं था,

कथित मारपीट और निर्वस्त्र कर प्रताड़ना की बात सबूतों से पुष्ट होती है।

इन तथ्यों को देखते हुए प्राधिकरण ने लोकेश्वर सिंह को दोषी करार देते हुए कहा कि उन्होंने “अमानवीय व्यवहार, शक्ति का दुरुपयोग और पुलिस पद की मर्यादा का उल्लंघन” किया।

सरकार को अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश

प्राधिकरण ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि—

लोकेश्वर सिंह के खिलाफ विभागीय/अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए,

उन्हें प्राकृतिक न्याय का अवसर देते हुए पूरा निर्णय प्राधिकरण को भेजा जाए।

एसपी पहले ही दे चुके हैं इस्तीफा

गौरतलब है कि लोकेश्वर सिंह अक्टूबर 2025 में पुलिस सेवा से इस्तीफा दे चुके हैं, क्योंकि उनका चयन संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एक अंतरराष्ट्रीय संस्था में हुआ था। इसके बावजूद, प्राधिकरण का कहना है कि घटना उस समय की है जब वे सेवा में थे, इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई जरूरी है।

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