अजमेर में भाजपा की अनामिका शर्मा मेयर निर्वाचित
43 वोट लेकर जीतीं अनामिका शर्मा, कांग्रेस की किरण गढ़वाल को मिले 37 वोट
अजमेर, 21 सितंबर। अजमेर नगर निगम के मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की अनामिका शर्मा ने 43 मत हासिल कर जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल को 37 मत मिले। इस तरह अनामिका शर्मा ने बहुमत के लिए जरूरी 41 मतों का आंकड़ा पार करते हुए मेयर पद पर कब्जा जमा लिया।
80 सदस्यीय अजमेर नगर निगम में चुनाव से पहले कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और 11 निर्दलीय पार्षद थे। किसी भी दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं था। ऐसे में मेयर चुनाव का पूरा गणित निर्दलीय पार्षदों के रुख पर टिका हुआ था।
43-37 के आंकड़े ने खोला सियासी गणित
मतदान के बाद सामने आए 43-37 के परिणाम से स्पष्ट हुआ कि भाजपा अपने 32 पार्षदों के आंकड़े से आगे निकलने में सफल रही। वहीं कांग्रेस अपने 37 पार्षदों के मूल आंकड़े तक ही सीमित रह गई। परिणाम ने निर्दलीय पार्षदों की भूमिका को भी सामने ला दिया।
मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस ने कुछ निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया था, जबकि भाजपा की ओर से भी निर्दलीयों के समर्थन को लेकर दावे किए जा रहे थे। अंतिम मतदान में किस पार्षद ने किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया, यह व्यक्तिगत मतदान की गोपनीयता के कारण अलग-अलग स्तर पर सार्वजनिक रूप से निर्धारित नहीं किया जा सकता।
भाजपा के खेमे में जश्न
अनामिका शर्मा की जीत के साथ अजमेर नगर निगम की सत्ता भाजपा के पास बनी रही। परिणाम सामने आते ही भाजपा खेमे में उत्साह और जश्न का माहौल दिखाई दिया।
वहीं कांग्रेस के लिए 37 पार्षदों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के बावजूद मेयर पद हासिल नहीं कर पाना चुनाव परिणाम का महत्वपूर्ण राजनीतिक पहलू रहा।
अनामिका शर्मा वार्ड संख्या 3 से पहली बार पार्षद चुनी गई थीं और भाजपा ने उन्हें मेयर पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया था।
अजमेर के मेयर चुनाव का संदेश साफ है—80 पार्षदों के सदन में संख्या बल के बाद भी सत्ता का फैसला अंतिम क्षणों के समर्थन और मतदान से हुआ। अब नजर अगले चरण में डिप्टी मेयर चुनाव और नए बोर्ड की कार्यशैली पर रहेगी।
