अजमेर। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर आई है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में लंबे समय से चली आ रही नियुक्तियों की कवायद अब पूरी होती दिख रही है। राज्य सरकार ने आयोग को और मजबूत बनाने के लिए अध्यक्ष सहित तीन नए सदस्यों की नियुक्ति की है। इसके बाद आयोग की कार्यप्रणाली में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. उत्कल रंजन साहू को RPSC का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके पास प्रशासनिक सेवा और अनुशासन का लंबा अनुभव है। इसके अलावा आयोग में तीन नए सदस्यों को जोड़ा गया है—पूर्व आईपीएस हेमन्त प्रियदर्शी, शिक्षाविद् डॉ. सुशील कुमार बिस्सू और कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार कलवार। राज्यपाल की मंजूरी के बाद कार्मिक विभाग ने इन नियुक्तियों के आदेश जारी किए।
नियुक्तियों में सामाजिक इंजीनियरिंग फ़ॉर्मूला अपनाया गया है ताकि विभिन्न वर्गों का संतुलित प्रतिनिधित्व हो सके। सरकार का मानना है कि विविध पृष्ठभूमि से आए सदस्य आयोग की कार्यशैली को और व्यापक बनाएंगे।
सात सदस्य पदभार ग्रहण कर चुके
आयोग में कुल दस सदस्यों का प्रावधान है। नई नियुक्तियों के बाद अब अध्यक्ष सहित सात सदस्य कामकाज संभाल चुके हैं, जबकि तीन पद अभी भी रिक्त हैं। अधिकारियों के अनुसार, रिक्त पद भी शीघ्र भरे जाएंगे।
युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ
RPSC प्रदेश की सबसे बड़ी भर्ती एजेंसी है। शिक्षक, कॉलेज व्याख्याता, पुलिस, प्रशासनिक सेवा, इंजीनियरिंग व मेडिकल सहित अनेक परीक्षाएँ इसी आयोग के जरिए आयोजित होती हैं। नियुक्तियों के बाद परीक्षाओं की पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ने की संभावना है। इससे युवा अभ्यर्थियों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।
RPSC की स्थापना राज्य में सुशासन और योग्य अधिकारियों-कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। आयोग समय-समय पर परीक्षा आयोजित कर अभ्यर्थियों का चयन करता है। नई नियुक्तियों के बाद आयोग की विश्वसनीयता और कार्यकुशलता में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि आयोग की मजबूती से न सिर्फ भर्ती प्रक्रियाएँ तेज होंगी, बल्कि परिणामों की पारदर्शिता पर भी भरोसा और गहरा होगा।
राज्य सरकार का दावा है कि आयोग में हो रहे बदलाव युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करेंगे और रोजगार के अवसरों को गति मिलेगी ।
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