नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने वैज्ञानिक शोध को आम जनता तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुँचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) ‘SARAL AI’ नामक एक उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है, जो जटिल शोध प्रकाशनों और पेटेंट को सरल भाषा में बदलकर सोशल मीडिया के अनुकूल सामग्री तैयार करेगा।
यह प्लेटफॉर्म शोध सामग्री को पॉडकास्ट, छोटे वीडियो, पोस्टर और प्रेजेंटेशन जैसे आकर्षक प्रारूपों में परिवर्तित करेगा। विशेष बात यह है कि यह सामग्री 18 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी, जिससे देश के विभिन्न वर्गों तक वैज्ञानिक जानकारी की पहुँच आसान होगी। मंत्री ने कहा कि विज्ञान को समाज से जोड़ना आवश्यक है और इसके लिए शोध को सरल व समझने योग्य बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक के दौरान ANRF की प्रगति की समीक्षा करते हुए मिशन-मोड कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया गया। ‘MAHA’ पहल के तहत उच्च प्रभाव वाले क्षेत्रों में अनुसंधान को गति दी जा रही है, वहीं जल्द ही ‘लीपफ्रॉग डेमॉन्स्ट्रेटर्स’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जो प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक समाधान विकसित करेगा।
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ANRF ने पिछले चार महीनों में लगभग 20,000 शोध प्रस्तावों का मूल्यांकन किया है, जो देश में अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार को दर्शाता है। साथ ही, 250 संस्थानों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर शोध प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।
सरकार का मानना है कि ‘SARAL AI’ जैसी पहलें वैज्ञानिक ज्ञान को आमजन तक पहुँचाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका।

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