नसीराबाद: नगर परिषद क्षेत्र में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। पार्षद महेंद्र डाबी पर आरोप है कि उन्होंने एक पत्रकार के साथ न केवल बदसलूकी की बल्कि हाथापाई तक कर दी। यह घटना लोकतंत्र की चौथी ताकत पर हमला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

पार्षद महेंद्र डाबी
पत्रकार समाज का प्रहरी है, वह जनता की आवाज़ को बुलंद करता है और सत्ता के आईने में सच दिखाता है। लेकिन जब एक चुना हुआ जनप्रतिनिधि ही पत्रकार पर हाथ उठाने लगे, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
जनता और पत्रकारों का आक्रोश
नसीराबाद का यह मामला सामने आने के बाद पत्रकारों और आम जनता में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जनसेवा के लिए चुने गए पार्षद को यह अधिकार किसने दिया कि वह गुंडई पर उतर आए?
“सरकार से मांग : तुरंत केस दर्ज हो
जनता और पत्रकारों ने राजस्थान सरकार और प्रशासन से मांग की है कि महेंद्र डाबी पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
👉 ऐसे दबंग नेताओं पर सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी प्रतिनिधि पत्रकारों को डराने-धमकाने की हिम्मत न कर सके।
लोकतंत्र का सवाल
लोकतंत्र का अस्तित्व तभी तक सुरक्षित है, जब तक पत्रकार स्वतंत्र और सुरक्षित हैं। पत्रकार पर हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र पर हमला है। सरकार को यह साबित करना होगा कि लोकतंत्र में गुंडई की कोई जगह नहीं है।
बड़ा सवाल
क्या नसीराबाद के इस प्रकरण में सरकार पार्षद पर कड़ी कार्रवाई करेगी?
या फिर लोकतंत्र पर हमला करने वाले ऐसे लोग बच निकलेंगे?
यह घटना केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के उस स्तंभ पर वार है जो हमें सच से जोड़ता है।
जनता और पत्रकार अब एकजुट होकर यही मांग कर रहे हैं – “महेंद्र डाबी पर तुरंत केस दर्ज हो और कड़ी कार्रवाई की जाए।
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