21 प्रस्तावों पर लगी मुहर, पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के विकास को मिलेगी रफ्तार

Spread the love

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की अध्यक्षता में जनभागीदारी समिति की पंचम बैठक, शिक्षा से लेकर परिसर विकास तक कई अहम फैसले

रीवा। शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय रीवा में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में जनभागीदारी समिति ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सत्र 2026-27 के लिए जनभागीदारी समिति की सामान्य सभा, प्रबंध समिति एवं वित्त समिति की पंचम बैठक कलेक्टर एवं जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में महाविद्यालय से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श के बाद कुल 21 प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।बैठक में समिति की सचिव एवं महाविद्यालय की प्राचार्य निशा पाण्डेय ने संस्था से संबंधित विभिन्न विषयों और आवश्यकताओं को समिति के समक्ष रखा। चर्चा के दौरान महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

निर्माण, मरम्मत और नेटवर्क व्यवस्था पर भी निर्णय

जनभागीदारी समिति ने महाविद्यालय में विभिन्न निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए आवश्यक व्यय की स्वीकृति दी। इसके अलावा परिसर में इंटरनेट एवं नेटवर्क कनेक्शन तथा इलेक्ट्रिकल कार्यों से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। ग्रीष्मकालीन अवधि को देखते हुए प्राचार्य कक्ष तथा व्याख्याताओं के कक्षों में एयर-कंडीशनर लगाए जाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया गया।महाविद्यालय परिसर में स्ट्रीट लाइट और ट्यूब लाइट की व्यवस्था, गार्डन विकसित करने तथा विभिन्न भवनों एवं उपकरणों की मरम्मत जैसे कार्यों को भी समिति की स्वीकृति मिली। इन निर्णयों का उद्देश्य संस्थान के मौजूदा संसाधनों को व्यवस्थित करने के साथ परिसर को विद्यार्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।

विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी फोकस

बैठक में विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत बाह्य विद्वानों को आमंत्रित कर एक-दो दिवसीय सेमिनार आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों से संवाद और अपने तकनीकी एवं शैक्षणिक ज्ञान को व्यापक बनाने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

मुख्य द्वार से लेकर मां सरस्वती की प्रतिमा तक प्रस्ताव मंजूर

समिति ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करने तथा मुख्य द्वार पर लगे एल्यूमिनियम गेट के रिनोवेशन को भी स्वीकृति दी। इसके साथ ही न्यायालयीन प्रकरणों से संबंधित कार्यवाही और कर्मचारियों के उच्च अध्ययन अवकाश से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया।

जनभागीदारी निधि के उपयोग पर भी सहमति

बैठक में जनभागीदारी मद में उपलब्ध राशि के नियमानुसार उपयोग एवं समायोजन तथा जनभागीदारी खाते में उपलब्ध राशि की एफडी कराने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। वर्ष 2025-26 की अनुमानित आय-व्यय की जानकारी समिति के सदस्यों के समक्ष रखी गई, जिस पर अनुमोदन प्राप्त किया गया।बैठक में लिए गए निर्णयों का व्यापक फोकस महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की सुविधाओं, परिसर के सौंदर्यीकरण, आवश्यक रखरखाव और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर रहा। 21 प्रस्तावों के अनुमोदन के बाद अब इन कार्यों को नियमानुसार आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। बैठक में विधायक प्रतिनिधि राजेश पांडेय, सांसद प्रतिनिधि, शिक्षाविद् प्रो. डॉ. गौतम, एसबीआई बैंक मैनेजर प्रतिनिधि विजय शर्मा, प्रो. डॉ. गौरव गुप्ता, इंजीनियर हेमा सिंह, प्रो. आशीष कुमार पाण्डेय, एस.के. सोंधिया, उद्योगपति जे.एस. साहनी, जयंत खन्ना, अभिभावक सदस्य, भूतपूर्व छात्र एवं छात्र सदस्य सहित समिति से जुड़े अन्य सदस्य उपस्थित रहे। रीवा में तकनीकी शिक्षा के संस्थानों के विकास की दिशा में जनभागीदारी समिति की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि इसमें केवल नियमित प्रशासनिक विषयों तक सीमित रहने के बजाय विद्यार्थियों की सुविधाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और संस्थान के आधारभूत विकास से जुड़े प्रस्तावों को एक साथ आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *