संतान न होने से परेशान दंपती पर मासूम को उठाने की साजिश रचने का आरोप, चार गिरफ्तार; सीधी के दूरस्थ गांव से सकुशल बरामद हुई बच्ची
रीवा। शहर में ढाई साल की मासूम बच्ची के अचानक लापता होने से शुरू हुई तलाश ने पुलिस को रीवा से सीधी के बीहड़ तक पहुंचा दिया। कुछ ही घंटों में पुलिस ने न केवल बच्ची को सुरक्षित खोज निकाला, बल्कि उसके अपहरण के पीछे बताई जा रही पूरी साजिश का भी खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में एक दंपती समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के मुताबिक, समान थाना क्षेत्र के पठकन टोला स्थित आंगनबाड़ी के आसपास से बच्ची को उठाया गया था। बच्ची के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की। जब हर संभावित स्थान पर खोज के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला तो मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद समान थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।मासूम की तलाश में पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालना शुरू किया। फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ी तो शक की दिशा एक ऐसे दंपती तक पहुंची, जो कथित तौर पर लंबे समय से संतान न होने के कारण परेशान था।
महीनों तक आंगनबाड़ी पर नजर रखने का पुलिस का दावा
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी रविशंकर मालवीय और उसकी पत्नी केशकली कोल रीवा के पठकन टोला में किराये के मकान में रहते थे। पुलिस का कहना है कि बच्ची को चुनने से पहले आंगनबाड़ी क्षेत्र में आने-जाने वाले बच्चों पर लगातार नजर रखी गई।जांच में यह भी सामने आया कि मासूम बच्ची आरोपियों की नजर में आ गई थी। पुलिस के अनुसार, मौका मिलते ही बच्ची को वाहन से वहां से ले जाया गया और उसे सीधी जिले की ओर ले जाकर छिपा दिया गया।घटना सामने आने के बाद बच्ची की मां पूरी रात उसकी सलामती की खबर के इंतजार में थाने में बैठी रही। एक तरफ पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों की तलाश कर रही थीं, वहीं परिवार के लिए हर गुजरता पल चिंता से भरा था।रीवा से सीधी तक दौड़ी पुलिस
रीवा से सीधी तक दौड़ी पुलिस टीम
समान पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ के बाद सीधी जिले में बच्ची को छिपाए जाने की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम तत्काल सीधी के लिए रवाना हुई। करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद टीम ने धनहा खड्डी क्षेत्र में दबिश दी।पुलिस के अनुसार, बच्ची को वहां एक मकान में छिपाकर रखा गया था। टीम ने उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और तत्काल रीवा लेकर आई। मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।मां ने जब अपनी बेटी को सकुशल सामने देखा तो उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। जिस बच्ची की तलाश में परिवार पूरी रात परेशान रहा, उसके सुरक्षित वापस आने के बाद घर में राहत का माहौल बना।
चार लोगों पर कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने रविशंकर मालवीय, केशकली कोल, प्रिया वर्मा और रेनू रावत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में शामिल महिलाओं की भूमिका भी बच्ची को तलाशने, घटना की जानकारी रखने और उसे छिपाने से जुड़ी जांच में सामने आई है।पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्ची के अपहरण की योजना किस तरह तैयार हुई, इसमें किस-किस की भूमिका थी और मासूम को आगे कहां रखने की योजना बनाई गई थी।
छह घंटे में खत्म हुआ ऑपरेशन
बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी सकुशल बरामदगी को प्राथमिकता दी। आईजी रीवा जोन गौरव राजपूत और डीआईजी हेमंत चौहान के निर्देशन में एसपी डॉ. गुरकरन सिंह ने पुलिस टीम को तत्काल सक्रिय किया।एएसपी भावना मरावी और सीएसपी कोतवाली राजीव पाठक के मार्गदर्शन में समान थाना प्रभारी आशीष मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी, स्थानीय सूचना तंत्र और संदिग्धों से पूछताछ को जांच का आधार बनाया। पुलिस का दावा है कि लगातार करीब छह घंटे चले ऑपरेशन के बाद बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।इस कार्रवाई में समान थाने के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब पुलिस की जांच का अगला चरण आरोपियों से पूछताछ और अपहरण की पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने पर केंद्रित है।सबसे बड़ी राहत यह रही कि जिस मासूम की तलाश ने रीवा पुलिस से लेकर परिवार तक की सांसें रोक दी थीं, वह सुरक्षित अपनी मां की गोद में लौट आई।
