कोटा। राजस्थान के रावतभाटा में आज 23 अप्रैल को ऐसा नज़ारा देखने को मिलेगा, मानो शहर अचानक युद्ध की स्थिति में पहुंच गया हो। प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर एयर अटैक मॉकड्रिल आयोजित की जा रही है, जिसमें हवाई हमले जैसी परिस्थितियां बनाकर पूरी व्यवस्था की हकीकत परखी जाएगी। शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर धमाके, धुआं, घायलों की चीख-पुकार और रेस्क्यू ऑपरेशन जैसे दृश्य तैयार किए जाएंगे, ताकि असली आपदा में किसी तरह की चूक न हो।
जैसे ही सायरन बजेगा, पूरा शहर अलर्ट मोड में आ जाएगा। पुलिस, मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड और के जवान तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को निकालने, प्राथमिक उपचार देने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास करेंगे। इस दौरान आम नागरिकों की भूमिका भी अहम रहेगी—उन्हें बताया जाएगा कि खतरे के समय कैसे खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जाए।
क्यों होगा ब्लैकआउट?
रात 8 बजे होने वाला ब्लैकआउट इस मॉकड्रिल का सबसे अहम हिस्सा है। दरअसल, युद्ध या हवाई हमले के समय शहर की लाइटें बंद कर दी जाती हैं ताकि दुश्मन को जमीन पर मौजूद ठिकानों, आबादी या महत्वपूर्ण इमारतों की पहचान न हो सके। अंधेरे में टारगेट ढूंढना मुश्किल हो जाता है, जिससे नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी रणनीति को समझाने और उसकी तैयारी जांचने के लिए यह ब्लैकआउट किया जा रहा है।
प्रशासन ने साफ कहा है कि यह सिर्फ अभ्यास है, लेकिन इसे हल्के में न लें। सायरन बजते ही घरों की लाइटें बंद करें, खिड़कियां ढकें और सुरक्षित स्थान पर रहें। बेवजह बाहर निकलने या अफवाह फैलाने से बचें। यह मॉकड्रिल सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि आने वाले किसी भी खतरे से निपटने की तैयारी की असली परीक्षा है।
