नई दिल्ली। (मीडिया)पंचायत चुनावों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए Supreme Court of India ने सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित मामले में पहले उच्च न्यायालय का रुख करने का निर्देश दिया।
बताया गया कि याचिका में राज्य सरकार द्वारा पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए जाने का मुद्दा उठाते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि पूर्व में अदालत द्वारा निर्धारित समय सीमा के बावजूद चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई है, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में हस्तक्षेप करे।
हालांकि सुनवाई के दौरान पीठ ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के मामलों में पहले संबंधित उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जानी चाहिए। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि उचित मंच उच्च न्यायालय है, इसलिए याचिकाकर्ता वहां अपनी मांग रख सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अदालत ने राज्य में पंचायत व स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर निर्धारित समयसीमा का समर्थन करते हुए चुनाव प्रक्रिया को 15 अप्रैल 2026 तक पूरा कराने की समयसीमा बरकरार रखी थी। अदालत ने यह भी माना था कि चुनाव प्रक्रिया में अनावश्यक न्यायिक हस्तक्षेप से प्रशासनिक और चुनावी तैयारियों पर प्रभाव पड़ सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सर्वोच्च अदालत का यह रुख न्यायिक परंपरा के अनुरूप है, जिसमें चुनाव से जुड़े विवादों को पहले संबंधित उच्च न्यायालय में उठाने की सलाह दी जाती है।
अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही संबंधित उच्च न्यायालय में होने की संभावना है, जहां चुनाव प्रक्रिया, परिसीमन (Delimitation) और समयसीमा से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई हो सकती है।
