नई दिल्ली। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विस्तार पर प्रकाश डाला है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक डेटा सेंटर कंपनी एयरट्रंक द्वारा भारत में लगभग 30 अरब डॉलर (करीब 3 लाख करोड़ रुपये) के निवेश प्रस्ताव का स्वागत किया है। इस निवेश के तहत देश में 5 गीगावॉट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिसे भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े प्रस्तावित निवेशों में से एक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा ऐतिहासिक गति से आगे बढ़ रही है और यह निवेश देश को क्लाउड कंप्यूटिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर क्षमता में यह विस्तार केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
प्रधानमंत्री के अनुसार इस निवेश से स्थानीय उद्योगों और आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी मजबूती मिलेगी। निर्माण, ऊर्जा, नेटवर्किंग और तकनीकी सेवाओं से जुड़े कई क्षेत्रों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्योगों को भी आधुनिक डिजिटल संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे देश में नवाचार और तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती डिजिटल सेवाओं, एआई आधारित तकनीकों और क्लाउड स्टोरेज की मांग को देखते हुए भारत वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। एयरट्रंक का यह निवेश इसी विश्वास का प्रमाण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि विश्व की डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य तेजी से भारत में आकार ले रहा है और आने वाले वर्षों में देश इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।
