सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही-डुमरी रोड पर जेसीबी से खुदाई के दौरान हुआ हादसा; धमाके की गूंज से थर्राया इलाका, आसपास के मकानों और दुकानों के टूटे शीशे।
नई दिल्ली/मुजफ्फरपुर (बिहार)(एजेंसी)
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोबरसही–डुमरी मार्ग पर सड़क किनारे नाला निर्माण के दौरान भूमिगत पीएनजी पाइपलाइन फटने से जोरदार विस्फोट हो गया। गैस रिसाव के तुरंत बाद हुए इस भीषण धमाके की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खुदाई कर रही जेसीबी मशीन के परखच्चे उड़ गए और पास से गुजर रही एक चार पहिया गाड़ी (थार) में आग लग गई। विस्फोट से उड़े मलबे और दबाव के कारण 100 मीटर के दायरे में स्थित दर्जनों दुकानों, मकानों और निजी क्लिनिकों के शीशे चकनाचूर हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया खौफनाक मंजर
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय सड़क किनारे नाले के लिए जेसीबी मशीन से गहरी खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान जमीन के नीचे बिछी इंडियन ऑयल (IOCL) की मुख्य गैस पाइपलाइन पर जेसीबी का भारी बकेट जा टकराया। पाइप कटते ही तेज दबाव के साथ गैस का रिसाव होने लगा और कुछ ही क्षणों में चारों तरफ बदबू और गैस का गुबार फैल गया।
इससे पहले कि आसपास के लोग या दुकानदार कुछ समझ पाते, अचानक एक कानफोड़ू धमाका हुआ किसे सुनकर पास की दुकानों में मौजूद लोग आ मौके पर आ गए।
हताहतों का विवरण व अस्पताल की स्थिति
1 की मौत: हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
7 लोग गंभीर घायल: झुलसे व घायल हुए 7 लोगों को स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से आनन-फानन में सदर अस्पताल और एसकेएमसीएच भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार कई घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी: लापरवाही पर उठे सवाल
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर निर्माण एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है:
बिना यूटिलिटी मैपिंग के अंधाधुंध खुदाई: नियम के अनुसार, जिस मार्ग पर भूमिगत गैस पाइपलाइन या हाईटेंशन केबल बिछी होती है, वहां किसी भी प्रकार की खुदाई से पूर्व संबंधित विभाग से एनओसी और गैस एजेंसी के तकनीकी सुपरवाइजर की मौजूदगी अनिवार्य होती है। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि यहां बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल के मशीन चलाई जा रही थी।
रिसाव के बाद सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया: पाइपलाइन कटने के तुरंत बाद न तो यातायात रोका गया और न ही क्षेत्र को खाली कराया गया, जिसके कारण राहगीर और आम नागरिक धमाके की जद में आ गए।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, सप्लाई बंद कर पाया गया काबू
हादसे की सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी और अग्निशमन विभाग की गाड़ियां दल-बल के साथ मौके पर पहुंचीं। गैस कंपनी के तकनीकी दल को बुलाकर मेन वॉल्व से सप्लाई को बंद कराया गया, जिसके बाद रिसाव पूरी तरह रुका और स्थिति नियंत्रण में आई।
अधिकारियों ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घायलों का समुचित इलाज कराया जा रहा है। मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। नाला निर्माण करा रही एजेंसी और संबंधित ठेकेदार की लापरवाही तय कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
