नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग ने अक्टूबर 2024 में छात्राओं के साथ हुई कथित रैगिंग घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने ESIC Dental College and Hospital के उप निदेशक श्री सोवन बेरा पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह मामला Society Against Violence in Education (सोसायटी अगेंस्ट वायलेंस इन एजुकेशन) से जुड़े श्री गौरव सिंघल द्वारा दायर सूचना का अधिकार आवेदन से सामने आया। आवेदन में आरोप लगाया गया कि सूचना का अधिकार कानून के तहत मांगी गई जानकारी निर्धारित 30 दिनों की समय-सीमा के बजाय 48 दिनों बाद दी गई। इस देरी के चलते संबंधित सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो गई।
आवेदक ने यह भी कहा कि Dental Council of India के दिशा-निर्देशों के अनुसार सीसीटीवी रिकॉर्डिंग कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है, लेकिन संस्थान ऐसा करने में विफल रहा।
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5 मई 2026 को हुई सुनवाई के बाद मुख्य सूचना आयुक्त Ashutosh Chaturvedi ने संबंधित अधिकारी का स्पष्टीकरण असंतोषजनक माना और सूचना उपलब्ध कराने में विफल रहने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
सोसायटी अगेंस्ट वायलेंस इन एजुकेशन ने इस आदेश को सीसीटीवी फुटेज छिपाने के विरुद्ध “ऐतिहासिक फैसला” बताया है। संगठन ने कहा कि यह निर्णय शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संस्था ने मीडिया से इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित करने की अपील भी की है।
उठ रहे बड़े सवाल
यदि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना अनिवार्य था तो फुटेज डिलीट कैसे हुई?
क्या रैगिंग मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई?
जिम्मेदार अधिकारियों पर आगे और कार्रवाई होगी या नहीं?
माताओं को न्याय दिलाएं अपील

