575 करोड़ का आसमानी बेड़ा: MP में अब सड़क से ज्यादा तेज होगी सत्ता की उड़ान! ACH160 हेलीकॉप्टर और Challenger 3500 जेट की एंट्री, 63 नए हेलीपैड का खाका

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225 करोड़ का ACH160 नवंबर में मिलने की उम्मीद, करीब 350 करोड़ के Challenger 3500 की सितंबर अंत तक भोपाल पहुंचने की चर्चा; 50 किलोमीटर के दायरे में हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने की तैयारी

भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासन में अब जमीन के साथ आसमान पर भी बड़ा दांव दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार अपने हवाई बेड़े को आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। करीब 225 करोड़ रुपये का Airbus ACH160 हेलीकॉप्टर और करीब 350 करोड़ रुपये का Bombardier Challenger 3500 जेट सरकारी बेड़े में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों की अनुमानित कीमत जोड़ें तो आंकड़ा करीब 575 करोड़ रुपये तक पहुंचता है।लेकिन कहानी सिर्फ दो महंगे विमान खरीदने की नहीं है। इसके पीछे मध्य प्रदेश के हवाई नेटवर्क को जमीन तक उतारने की बड़ी तैयारी भी दिखाई दे रही है। सरकार अगले दो वर्षों में करीब 63 नए हेलीपैड विकसित करने और मौजूदा हवाई पट्टियों व रनवे के विस्तार की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित नेटवर्क का लक्ष्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 50 किलोमीटर के दायरे में हेलिपैड उपलब्धता बढ़ाना बताया गया है।

225 करोड़ का ACH160… नवंबर में आसमान में दिख सकता है नया मेहमान

फ्रांस की एयरबस से खरीदा जा रहा ACH160 हेलीकॉप्टर सरकारी वीवीआईपी और आधिकारिक यात्राओं के लिए प्रस्तावित है। रिपोर्टों के मुताबिक इसकी लागत करीब 225 करोड़ रुपये बताई गई है और इसकी डिलीवरी नवंबर में होने की उम्मीद है। 1हेलीकॉप्टर में दो पायलटों के अलावा 9 लोगों के बैठने की व्यवस्था बताई गई है। इसकी क्रूज स्पीड करीब 155 नॉट और लगभग 4 घंटे 30 मिनट तक उड़ान भरने की क्षमता बताई गई है। इस हेलीकॉप्टर की डिलीवरी का तरीका भी अपने आप में खास है। रिपोर्ट के मुताबिक ACH160 को फ्रांस से सीधे उड़ाकर भारत लाने के बजाय दूसरे हिस्सों में भारत लाकर असेंबल किया जाएगा, जिसके बाद इसे भोपाल उड़ाकर लाया जाएगा।

टोरंटो से भोपाल तक Challenger 3500 की उड़ान

दूसरी बड़ी तस्वीर Bombardier Challenger 3500 को लेकर है। रिपोर्टों में इसकी कीमत करीब 350 करोड़ रुपये बताई गई है, हालांकि कुछ अन्य रिपोर्टों में इसकी कीमत करीब 230 करोड़ रुपये भी दर्ज की गई है। इसलिए अंतिम खरीद लागत को सरकारी दस्तावेज से मिलान करना जरूरी होगा। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक जेट के 26 या 27 सितंबर को कनाडा के टोरंटो से भारत के लिए रवाना होने और 30 सितंबर तक भोपाल पहुंचने की संभावना बताई गई है। टोरंटो से भारत की लंबी दूरी के कारण इसे बीच में तकनीकी ठहराव लेना होगा। विमान की भारत में एंट्री के बाद कस्टम्स, तकनीकी परीक्षण और डीजीसीए से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जानी होंगी। इसके बाद ही नियमित सरकारी संचालन का रास्ता साफ होगा।

नया जेट आया तो सवाल रनवे का भी खड़ा होगा

Challenger 3500 की एंट्री के साथ मध्य प्रदेश के सामने एक दूसरी बड़ी चुनौती है—क्या प्रदेश की मौजूदा हवाई पट्टियां इस जेट के लिए तैयार हैं? विभागीय आकलन के अनुसार प्रदेश के करीब 28 एयरफील्ड में से लगभग 10 स्थानों पर ही इस श्रेणी के जेट के संचालन की स्थिति बताई गई है। रिपोर्टों में इसके लिए करीब 1,800 से 2,100 मीटर तक के रनवे की जरूरत का उल्लेख है। ऐसे में कई हवाई पट्टियों के विस्तार और रनवे अपग्रेड की योजना भी सामने आई है।यानी तस्वीर साफ है—विमान आसमान में उतरने से पहले जमीन पर रनवे तैयार करना होगा।

63 नए हेलीपैड… बदल सकती है प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी

सरकार की योजना में अगले दो वर्षों में करीब 63 नए हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य बताया गया है। इसके पीछे उद्देश्य प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों तक हेलीकॉप्टर आधारित कनेक्टिविटी को मजबूत करना बताया जा रहा है।इसी दिशा में 140 विधानसभा क्षेत्रों में प्रस्तावित मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के साथ स्थायी हेलिपैड बनाने की योजना को भी कैबिनेट की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। इन हेलिपैड का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर संचालन के लिए भी किया जा सकता है।

हवाई बेड़ा मजबूत होगा, लेकिन असली कहानी उसके इस्तेमाल की होगी

ACH160 और Challenger 3500 की एंट्री के साथ मध्य प्रदेश के सरकारी विमानन ढांचे का स्वरूप निश्चित रूप से बदलने की तैयारी दिखाई दे रही है। लेकिन विमान खरीद के साथ पायलट, तकनीकी स्टाफ, रखरखाव, ईंधन, हैंगर, सुरक्षा, रनवे और हेलिपैड जैसी व्यवस्थाएं भी जरूरी होंगी।मध्य प्रदेश के विमानन निदेशालय ने Challenger 3500 और Airbus H160/ACH160 सहित हेलीकॉप्टरों के संचालन और मैनपावर सेवाओं के लिए टेंडर भी जारी किया है।

अब मध्य प्रदेश के आसमान में सिर्फ उड़ान नहीं, पूरा नेटवर्क तैयार करने की तैयारी है।

एक तरफ करीब 575 करोड़ रुपये के दो नए हवाई संसाधन, दूसरी तरफ 63 नए हेलीपैड और हवाई पट्टियों के विस्तार की योजना—सरकार की यह कवायद आने वाले समय में प्रदेश की प्रशासनिक आवाजाही का तरीका बदल सकती है।फिलहाल खरीद, डिलीवरी और निर्माण से जुड़े आंकड़ों में अलग-अलग रिपोर्टों के कारण कुछ अंतर मौजूद है, इसलिए अंतिम कीमत और समयसीमा के लिए आधिकारिक दस्तावेज ही निर्णायक होंगे।आसमान में नया बेड़ा तैयार हो रहा है… अब देखना यह होगा कि जमीन पर उसका नेटवर्क कितनी तेजी से तैयार होता है।**

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