जयपुर। राजस्थान में बजरी के अवैध खनन और कालाबाज़ारी को लेकर कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भजनलाल शर्मा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खाचरियावास ने कहा कि राज्य में अवैध खनन पर सरकार ने आँखें बंद कर रखी हैं और यह सब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संरक्षण में हो रहा है।
खाचरियावास ने आरोप लगाया कि बीजेपी के बड़े नेताओं की बजरी के अवैध कारोबार में पार्टनरशिप है, जिसके चलते प्रशासन और पुलिस पर दबाव बनाकर कार्रवाई रोकी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ होती तो आज राजस्थान की नदियाँ यूं छलनी नहीं होतीं और आम जनता को महंगी बजरी खरीदने को मजबूर नहीं होना पड़ता।
“ASI का वीडियो सब कुछ बयां कर रहा”
कांग्रेस नेता ने राजेश मीणा पुलिस ASI के वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि जब एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी खुलेआम कैमरे पर अवैध खनन, राजनीतिक दबाव और मिलीभगत की बात कह रहा है, तो यह सरकार के लिए शर्मनाक है।
खाचरियावास ने सवाल उठाया कि अगर आरोप झूठे हैं तो बीजेपी का कोई बड़ा नेता सामने आकर जवाब क्यों नहीं दे रहा?
उन्होंने कहा कि ASI का वीडियो इस बात का सबूत है कि नीचे से ऊपर तक सिस्टम दबाव में है, और जो अधिकारी ईमानदारी से काम करना चाहता है, उसे या तो चुप कराया जाता है या प्रताड़ित किया जाता है।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
खाचरियावास ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ़ कागज़ों में कार्रवाई दिखा रही है, जबकि असल माफिया बेखौफ होकर खनन और कालाबाज़ारी कर रहा है।
उन्होंने कहा, “अगर मुख्यमंत्री सच में सख्त हैं तो बताएं—अब तक कितने बड़े नेताओं पर कार्रवाई हुई?”
गंभीर आरोप, बड़ा राजनीतिक संकेत
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि बजरी माफिया का पैसा राजनीतिक संरक्षण के बिना नहीं चल सकता। यही कारण है कि अवैध खनन न सिर्फ जारी है बल्कि पहले से ज्यादा संगठित हो गया है।
फिलहाल, खाचरियावास के इन आरोपों पर बीजेपी या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि सरकार इन आरोपों की जांच कराएगी या फिर मामला आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रहेगा।
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